मुस्कुराता रहे दांपत्य जीवन

मुस्कुराता रहे दांपत्य जीवन

मियां-बीबी के बीच थोड़ी सी खटपट और फिर दोनों के बीच चुप्पी। कई बार पति-पत्नी के बीच होने वाली छोटी-मोटी कहा-सुनी बड़ी समस्या का कारण बन जाती है। आप मानकर चलिए कि थोड़ी-बहुत नाराजगी और खटपट आम बात है। इसके मायने यह कतई नहीं कि इन बातों को आधार बनाकर वैवाहिक रिश्तों में खटास पैदा की जाए। आप थोड़ी-सी समझदारी दिखाकर वैवाहिक जिंदगी को कामयाब और खुशहाल बना सकते हैं।

पति-पत्नी का संबंध बहुत अधिक नाजुक होता है। इन संबंधों को मजबूत और खुशहाल बनाए रखने के लिए जरूरी है कि दोनों ही एकदूसरे पर भरोसा बनाए रखें। एक दूसरे पर शक करने की आदत छोड़ देनी चाहिए। बेवजह एक दूसरे पर किया गया शक दूरियां बढ़ाने का ही काम करता है।

संवाद और प्यार: पति को हमेशा अपनी पत्नी को विश्वास में लेकर महत्त्वपूर्ण कार्र्यों में उसकी सलाह लेनी चाहिए। पति-पत्नी हमेशा अपनी जिंदगी का हर अच्छा-बुरा पहलू एक दूसरे के सामने ईमानदारी से खोल दें। एक सुखी जीवन जीने के लिए हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि पति-पत्नी में ज्यादा गोपनीयता ठीक नहीं है। पति-पत्नी को अपने बीच की बातों को ध्यान लगाकर सुनना चाहिए। यदि कोई बात हो गई हो, तो उसे प्यार से निबटाना चाहिए न कि लड़ाई-झगड़े से। लड़ाई- झगड़े से बात बिगड़ती है बनती नहीं।

देता है निरोगी काया: शोधों के दौरान यह बात सामने आई है कि दांपत्य जीवन से खुशहाल औरतों में हृदय संबंधी बीमारियां होने का खतरा दूसरों की तुलना में काफी कम होता है। दांपत्य जीवन से खुश औरतों में अविवाहित, तलाकशुदा, विधवा या अपनी शादी से नाखुश महिलाओं की तुलना में तनाव, बेचैनी या डिप्रेशन जैसी बीमारियां भी कम होती हैं।

खुशहाल वैवाहिक जीवन बिताने वाली महिलाओं का रक्तचाप स्थिर रहता है और कोलेस्ट्रॉल भी सामान्य रहता है। खुशहाल दांपत्य जीवन से आप सामाजिक रूप से भी सक्रि य रहते हैं। ऐसे में छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा करने वाले दंपति को अपनी सेहत का ख्याल रखते हुए खुश रहने का प्रयास करना चाहिए।

खुशहाल दांपत्य के सूत्र: आपस में प्यार बनाएं रखें और हर काम में एक दूसरे का सहयोग करें। दांपत्य जीवन में खुशहाल रहने के लिए जरूरी है कि आप आपस में एकदूसरे पर विश्वास करें।

० एकदूसरे के बीच तनाव कम करने के लिए जरूरी है कि आपस में अधिक से अधिक बातचीत की जाए।

० पत्नी को चाहिए कि वह अपने पति की पसंद-नापसंद का ध्यान रखते हुए उन्हें मानसिक रूप से भी स्वस्थ रखने की कोशिश करे।

० अपने साथी से बात-बात पर न तो रूठें और न ही बहुत अधिक गुस्सा हों बल्कि उसके पीछे के छिपे कारणों को तलाशने की कोशिश करें। यदि छोटी-मोटी अनबन हो जाए तो उसे प्यार से संवाद के जरिए निबटाना चाहिए।

० दोनों को एक दूसरे का और एक दूसरे के काम का सम्मान करना चाहिए और घरेलू कार्यों में एक दूसरे का हाथ भी बटाना चाहिए।

० एक दूसरे को अपनी बात कहने का मौका दें और आपस में एकदूसरे की बातों को ध्यान से सुनें।

० पति-पत्नी के डिप्रेशन तथा चिड़चिड़ेपन को दूर करने के लिए तथा अपने दांपत्य जीवन को अधिक गहरा बनाने के लिए एकदूसरे पर शक नहीं करना चाहिए।

० अपने पार्टनर को खुश करने और पार्टनर को सहयोग देने के लिए तैयार रहना चाहिए।

- खुंजरि देवांगन

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