आपकी पहचान, आपके कैरी बैग

आपकी पहचान, आपके कैरी बैग

अगर बहुत पहले की बात करें तो तब केवल पुरूष ही हैंडबैग का इस्तेमाल किया करते थे लेकिन वक्त बदला। औरत के कदम घर से बाहर निकले तो उसे अपनी ख़ास जरूरत की चीजें़ रखने के लिए हैंडबैग की जरूरत पडऩे लगी।

पहले कैरी बैग केवल झोलानुमा ही हुआ करते थे। उनमें ब्युटीफुल होने जैसी कोई बात न थी। वे केवल यूटिलिटी को ध्यान में रखकर बनते थे मगर आज तो ये फैशन का एक बहुत अहम् हिस्सा बन चुके हैं।

फैशन का इतिहास देखें तो हैंडबैग का इतिहास भी पता लग सकता है। 14वीं सदी तक आते-आते ये केवल पुरूषों तक ही सीमित न रहकर महिलाओं में भी पापुलर होने लगे और इन्हें खूबसूरत बनाया जाने लगा। अगली सदी तक पहुंचते ये स्टेटस सिंबल बन गए। इन्हें महिलाएं हाथ में या कंधे पर झुलाने के बजाय कमर पर ही बांधती थी। 18वीं सदी में पहुंचने पर अब ये वॉलेट के रूप में पुरूषों की जेब में रहने लगे।

महिलाओं में फैशन बदला और घर से बाहर निकलने के कारण उन्हें जब जरूरत की चीजों जैसे रूमाल, चाबी, पैसे, कोम्ब को रखने के लिए कुछ सुविधाजनक चीज की जरूरत पड़ी तो हैंडबैग का चलन शुरू हो गया जो अब ज़बर्दस्त फैशन स्टाइल है।

आज हैंडबैग की दुनिया में बूम आ गया है। अब ये हज़ारों प्रकार के टैक्सचर और मटीरियल में मिलते हैं। बारिश से बचाव के लिए रेन प्रूफ बैग हैं। सागर किनारे जाने के लिए स्टडी टोट्स मिलेगें। पार्टीज के लिए खूबसूरत डेलिकेट महीन फेब्रिक से बनें पर्स मिलेंगे। ऑफिस गोइंग महिलाओं के वास्ते कंधे पर टांगने वाले बड़े पर्स हैं।

ट्रेडीशनल वे को लेकर मार्केट में जूट बैग हैं जिन्होंने अपनी उपयोगिता और आकर्षण को लेकर कैरी बैग की दुनिया में अपना एक खास मुकाम बना रखा है। ये बैग मजबूत और खास तो हैं ही, साथ ही ये इकोफ्रैंडली भी हैं। कुछ बड़ी कंपनियां जहां खास ब्रान्डेड कैरी बैग्स मार्केट में लाई हैं तो छोटी-छोटी कंपनियां भी कांपीट करते हुए थोक में इन्हें प्राड्यूस कर रही हैं। जगह-जगह बड़े माल्स की दूकानों शो रूम्स में जहां ये आकर्षण का केन्द्र हैं। एग्ज़ीबिशंस बड़ा बाजार, छोटी-छोटी दुकानों व ठेलों मेलों में भी ये खूब बिके हैं। पर्स खरीदने में न केवल शहरी औरतें ही इन्ट्रेस्ट दिखाती ह,ैं गांव और कस्बों की महिलाओं भी इसमें पूरा शौक रखते हुए पर्स अपने बज़ट के मुताबिक खरीदती हैं।

दुकानदार भी महिलाओं के कैरी बैग के क्रेज़ को देखते हुए इन्हें अपने प्रचार का माध्यम बना तरह-तरह के आकर्षक बैग में उन्हें उनका खरीदा सामान पैक कर के देते हैं।

बैग की ढेरों वैरायटी में कुछ खास कैरी बैग हैं...

टोट्स: स्ट्रैप या हैंडल वाला बैग जो ऊपर से खुला होता है।

फील्डबैग: फ्लैट टॉप के साथ लटकाने वाला बैग।

वैगयुए: लंबा और गोल आकार लिए।

कैलीबैग: बड़ा बेेहतरीन आकार वाला।

जैलीकैली: चमकीला रबर वाला टोट्स बैग।

मैसेंजर: लंबी स्ट्रैप के साथ बड़ा, सॉफ्ट शोल्डर बैग।

हीबो बैग: कंधों टांगनेवाला क्रेसेंट आकार का।

सैचेल: हाथ में पकडऩे वाला बड़ा बैग।

क्लच: हाथ में पकडऩे वाला छोटा बैग।

उफल: लटकाने वाला लंबा बैग जो चौड़ाई में खुलता है।

पाउच: मुलायम छोटा सा...

वैनिटी बैग: छोटा डिब्बानुमा हार्ड बैग जो सिंगार बॉक्स भी कहलाता है।

जब बैग खरीदें -

बैग खरीदने जब किसी बड़ी दुकान या शो रूम में जाएं तो खरीदने से पहले आईने के सामने खड़े होकर यह देख लें कि आप पर कौन सा डिज़ाइन फब रहा है। कलर्स मैचिंग भी अपनी ड्रैसेज़ के साथ देख लें। कलर्स के बारे में घर से सोच कर एक रफ आइडिया कर लें। बैग की लंबाई चौड़ाई शरीर के अनुपात में होनी चाहिए, तभी आपका लुक ठीक लगेगा।

अपनी जरूरत का ध्यान भी रखें। फैशन के साथ ही अपनी पर्सनल लाइफ स्टाइल को भी मद्देनजऱ रखते हुए ही कैरी बैग परचेज करें।

-उषा जैन 'शीरीं'

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