प्रकृति के निकट आइए: सुंदरता पाइए

प्रकृति के निकट आइए: सुंदरता पाइए

महिलाएं अपनी सुंदरता के प्रति काफी जागरूक होती हैं। नवयौवनाओं व युवतियों की तरह उनका व उनके चेहरे का आकर्षण लंबे समय तक बना रहे, इसके लिए महिलाएं शहरों में चल रहे छोटे-बड़े ब्यूटी-पार्लरों में जाकर सजती संवरती हैं।

ये ब्यूटी-पार्लर जहां महिलाओं के पर्स पर भारी पड़ते हैं वहीं सौंदर्य के लिये उपयोग में लाये जाने वाले पदार्थ उनकी त्वचा को हानि पहुंचाते हैं। अमेरिका के वैज्ञानिकों ने अभी हाल ही में यह सिद्ध भी किया है कि सौंदर्य बढ़ाने के लिये महिलाएं जिस प्रकार के कैमिकल व लोशन इत्यादि का प्रयोग करती हैं, वे हानिकारक ही नहीं, बहुत ज्यादा खतरनाक भी हैं।

महिलाएं सौंदर्य के प्राकृतिक उपचारों को अनदेखा कर ब्यूटी पार्लर पहुंचती हैं। शहर में ब्यूटी पार्लरों की भीड़ में अप्रशिक्षित महिलाएं, महिलाओं के सौंदर्य व त्वचा से खिलवाड़ कर रूपये ऐंठ लेती हैं। महिलाएं थोड़ा भी प्रयास प्राकृतिक विधियों से सौंदर्य निखारने हेतु करें तो उन्हें ब्यूटी पार्लरों पर आश्रित नहीं रहना पड़ेगा।

महिलाओं को ब्यूटी पार्लरों में जाने से पूर्व ब्यूटीशियन की शिक्षा दीक्षा के बारे में जानकारी प्राप्त करनी चाहिए। फर्जी चिकित्सकों की तरह फर्जी डिप्लोमाधारी ब्यूटी पार्लर भी शहरों व कस्बों में चल रहे हैं। गृहिणी अगर ब्यूटी पार्लर नहीं जाकर प्राकृतिक तरीके से सुंदरता को निखारेगी तो उसकी त्वचा भी सुरक्षित रहेगी और पैसों की भी बचत होगी।

आज के इस आधुनिक युग में महिलाओं को सस्ते प्राकृतिक तरीकों से सुंदरता को निखार कर पैसे की बचत करनी चाहिए। यहां हम महिलाओं के लिये प्राकृतिक सौंदर्य चिकित्सा के माध्यम से कुछ महत्वपूर्ण जानकारी दे रहे हैं।

चेहरे के दाग धब्बों के लिये:- रात्रि में सोने से पूर्व बेसन से चेहरे को उबटन करने के पश्चात उस पर दूध की मलाई मलें। फिर आधा घंटे बाद मुंह को धो लें। इस प्रयोग से चेहरे की झांई, कीलें, धब्बे आदि कुछ ही समय में दूर होकर त्वचा का सौंदर्य निखर उठता है।

चेचक के दागों के लिये:- प्रतिदिन दिन में दो-तीन बार पिस्ते के तेल को चेहरे पर लगाकर उसे अंगुलियों के पोरों से आहिस्ता-आहिस्ता मल कर शोषित करा दिया करें। बाद में मुंह नहीं धोया करें। यह क्रि या मुंह धो लेने के थोड़ी देर बाद ही करनी चाहिये। रोजाना नियमित रूप से ऐसी क्रि या करने से चेचक के दाग बहुत हल्के पड़ जाते हैं।

त्वचा के विकार के लिए:- त्वचा में कोई विकार हो तो मधु में नींबू का रस मिलाकर त्वचा पर लेप करें। 15-20 मिनट बाद उसे गर्म पानी से धो डाला करें। ऐसी क्रि या करने से त्वचा का रंग निखर कर उसमें आकर्षण पैदा हो जाता है।

चेहरा साफ करने के लिये:- कच्चे दूध में बादाम पीस लें। इस पेस्ट को चेहरे तथा गर्दन पर लगायें। ऐसा लेप नियमित लगायें। चेहरा साफ चमकेगा। इसके अतिरिक्त एक चम्मच मलाई में एक चम्मच नींबू का रस मिलाकर प्रतिदिन रात में लगाने से चेहरा साफ रहता है।

चेहरे की झुर्रियों के लिये:- चेहरे की झुर्रियों से छुटकारा पाने के लिए एक चम्मच शहद में 10 बूंद नींबू का रस मिलाकर पूरे शरीर पर प्रतिदिन सोने से पूर्व लगायें। इससे त्वचा मखमल जैसी बनी रहती है।

चेहरे के मुंहासों के लिये:- जैतून के तेल में नींबू का रस मिलाकर चेहरे पर प्रतिदिन लगायें। एक घंटे बाद चेहरा धो लें। इससे चेहरे पर धब्बे, मुंहासे दूर हो जायेंगे।

आंखों के लिए:- महिलाएं स्नान से पूर्व आंखों में काजल लगा लें। इससे नयन कजरारे तथा सुंदर दिखते हैं।

लिपस्टिक लगाने के लिये:- महिलाएं लिपस्टिक लगाने के बाद होंठों पर बर्फ का टुकड़ा मल लें। इससे लिपस्टिक अधिक समय तक टिकी रहेगी।

त्वचा की कोमलता के लिये:- दो बड़े चम्मच बेसन, एक चम्मच चंदन पाउडर, दो चम्मच मुल्तानी मिट्टी, आधा चम्मच हल्दी, दो चम्मच गुलाबजल तथा शहद की चार-पांच बूंदें मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें। इस पेस्ट को चेहरे पर लगाकर 10 से 15 मिनट तक छोड़ दें। फिर ठंडे पानी से धो लें। ऐसा एक सप्ताह में दो बार करना उपयुक्त रहेगा। यह विधि प्राकृतिक तरीके से त्वचा को कोमल बनाती है।

त्वचा को मुलायम रखने के लिये:- एक चम्मच चिरौंजी को चार चम्मच कच्चे दूध में 12 घंटे तक भिगो रखें। अब इसका पेस्ट बना लें। इसे चेहरे पर लगाकर 2० मिनट तक छोड़ दें। चेहरा सूखने के बाद ठंडे पानी से धो लें। इससे त्वचा मुलायम बनी रहती है।

चेहरे के अनावश्यक बालों के लिये:- जई के आटे में दूध व नींबू को थोड़ी सी मात्र में मिलाकर लेप तैयार करें। लगभग 20 मिनट तक चेहरे पर लेप लगा रहने दें। फिर गुनगुने पानी से धो लें। ऐसा प्रतिदिन करें। इससे अनावश्यक बाल हट जायेंगे।

होंठों की कोमलता के लिये:- 15 दिन में एक बार मेंहदी की पत्तियों को महीन पीसकर होंठों पर लगायें। 10 मिनट बाद धो दें। इससे होंठों पर रंगत आ जाती है। वे कोमल दिखाई पड़ते हैं।

इस प्रकार महिलाएं उपरोक्त प्राकृतिक नुस्खों का प्रयोग कर सज संवर सकती हैं। भारतीय और विदेशी महिलाओं की सौंदर्य परिभाषा में काफी अंतर है। विदेशी महिलाएं एक चिकित्सक की भांति अपने शरीर की त्वचा की देखभाल कर चिकित्सा करती हैं जबकि भारतीय महिलाएं मात्र शादी-ब्याह के मौकों पर ही सही प्रकार सजना संवरना उचित मानती हैं। बाकी दिनों में वे शरीर की ओर ध्यान देने में पहल नहीं करती जो बेहद खतरनाक भी है।

महिलाओं को अपनी त्वचा के लिये प्राकृतिक तरीके से देखभाल करने से एक आंतरिक आनंद मिलेगा।

- संजीव चौधरी गोल्डी

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