जब पिया गये परदेस

जब पिया गये परदेस

आज के समय में बेरोजगारी विकराल रूप धारण करती जा रही है, जिस कारण अगर किसी व्यक्ति को शहर से कहीं दूर भी नौकरी मिल जाए तो वह उस मौके को हाथ से नहीं जाने देता।

परिवार के सदस्यों, विशेषकर उसकी पत्नी के लिए यह स्थिति असह्य हो जाती है और नववधू के लिए तो यह और भी दुखदायी होता है क्योंकि उसके लिए ससुराल का वातावरण एकदम नया होता है। परिवार के सदस्यों के साथ सामंजस्य स्थापित करना उसके लिए बेहद कठिन होता है।

नववधू को चाहिए कि वह सभी सदस्यों से सौहार्दपूर्ण व्यवहार बनाए रखे। यदि छोटे देवर या ननद हों तो उनके साथ खाली समय में गपशप, हंसी मजाक करें जिससे अकेलेपन का अहसास न होने पाए। सप्ताह में एक दिन उनके साथ घूमने चली जाएं।

यदि आपको पेंटिंग, लेखन आदि में रूचि हो तो काम से निवृत्त होकर अपनी रूचियों को पूरा करें। सास-ससुर से अनुमति लेकर कोचिंग कक्षाएं भी शुरू कर सकती हैं। बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना भी अच्छा कार्य है। इससे जहां आपकी बोरियत दूर होगी, वहीं कुछ आमदनी भी होगी। अगर आप अकेली हैं तो पड़ोस की महिलाओं से मित्रता करें। कभी उन्हें खाने पर बुलाएं व कभी खुद उनके घर जाएं। कभी-कभी उनके साथ घूमने निकल जाएं।

पुस्तकें अच्छी मित्र साबित हो सकती हैं बशर्ते आप इन में रूचि रखती हों। आजकल विभिन्न प्रकार की महिला पत्रिकाएं निकलती हैं। इन्हें पढऩे से जहां आपका समय अच्छा बीतेगा, वहीं आपके ज्ञान में भी वृद्धि होगी।

पति की अनुपस्थिति में उनकी अच्छाइयों को याद करें। उन्हें पत्र लिखकर अपनी भावनाओं का इजहार करें। अपनी शादी की एलबम देखें व पति के पत्रों को पढ़कर अपना मन बहलाएं। यादों को ताजा कीजिए।

बाजार के काम स्वयं करें। छोटे-मोटे कार्यों के लिए दूसरों की सहायता मांगना उचित नहीं। अकेली होने पर किसी अजनबी से मेलजोल न बढ़ाएं व न ही पड़ोसी पुरूषों से अधिक खुलेपन से बातें करें। ऐसी महिलाओं को अपनी मित्र बनाएं जो आपकी उलझनों को सुलझाने में आपकी मदद कर सकें, जिनके साथ समय बिताकर आपको अकेलापन महसूस न हो और नई बातें भी सीखने को मिलें।

पति के घर आने से पूर्व घर को अपने बजट के अनुरूप सजाकर रखें। अपने सारे काम उनके आने से पूर्व ही निबटा लें ताकि उनके आने पर आप उनके साथ जी भरकर बातें कर सकें और उनका साथ पा सकें।

यदि आप अकेली हों तो पति की सहमति से अपनी योग्यता के अनुरूप नौकरी भी कर सकती हैं पर यह अवश्य ध्यान रखें कि ऑफिस में सहकर्मियों से अन्य लोगों के समक्ष सदैव अपने अकेलेपन का रोना न रोएं। इससे कोई भी अन्य पुरूष आपकी मजबूरी का फायदा उठा सकता है।

इन बातों को अपनाकर आप पति की अनुपस्थिति में खुद को सुरक्षित महसूस करेंगी।

-भाषणा बांसल

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