गर छुड़ाना पड़े मजनुओं से पिण्ड तो

गर छुड़ाना पड़े मजनुओं से पिण्ड तो

जब लड़का लड़की जवां होते हैं तो दिल धड़कते हैं कि कोई अपना ऐसा मिले जिससे वे अपने प्यार का इजहार कर सकें। कभी कभी तो चाहत दोनों तरफ से होती है जो आसानी से प्यार में बदल जाती है पर जब चाहत एकतरफा हो तो प्यार में बदलनी मुश्किल हो जाती है। कभी-कभी लड़के किसी लड़की के लिए इस कद्र पागल हो जाते हैं कि चाहे वह लिफ्ट दे या न दे, मजनू बनकर चिपके रहते हैं कि शायद कभी लिफ्ट मिल जाए और वे अपने दिल का हाल सुना सकें। ऐसे में लड़कियां इन मजनूनुमा लड़कों से इतनी परेशान हो जाती हैं कि मन करता है कि उन्हें गालियां दें। मारें या अपने किसी भाई से पिटवा दें। फिर भी मजनू हैं कि पिण्ड नहीं छोड़ते। ऐसे में परेशान बेचारी लड़कियां क्या करें? कैसे स्वयं को उन मजनुओं से बचाएं जो उनके इर्द गिर्द घूमते हैं। पहले स्वयं को पक्का करें कि आपके मन में उनके प्रति कुछ ऐसी वैसी भावना तो नहीं हैं।

जानिए कुछ तरीके कि उन मजनुओं से कैसे पीछा छुड़ाएं।

-जब कभी मजनू बहुत सी बातें कर रहा हो तो ऐसे में उसकी बातों का विरोध करे, शर्माएं नहीं।

-जब कभी आपका मजनू आपसे यह पूछे कि मैं कैसा लग रहा हूं ऐसे में कहें-बस ठीक-ठीक चाहे वह हैंडसम ही क्यों न लग रहा हो।

-यदि उसने अपना हेयर कट नया करवाया है और राय मांगे कि मुझे यह कैसा फब रहा है तो मुंह बिचका कर कहें-कोई खास मजा नहीं आया।

-आप कभी भूलकर भी अपने मजनू से प्यार का इज़हार न करें, न ही ऐसे हंसी मजाक करें कि उसे कुछ गलतफहमी हो। न तो किसी तरह की शारीरिक छेड़छाड़ करें, न ही उसकी छेड़छाड़ बर्दाश्त करें।

-कभी ग्रुप में मजनुओं के साथ शापिंग पर जाना भी पड़े तो अधिक खर्चा उन्हीं का करवाएं और उनकी पसन्द की चीजों को इग्नोर कर अपनी पसंद बताएं।

-शापिंग का जो भी भार हो, उसके हाथों में थमा दें। खुद मस्ती से चलें।

-कभी वह आपको कोई उपहार दे तो उसे नापसन्द कर उसे कहें कि यह किसी और को दे दे।

-अपने मजनू के साथ कोई कमिटमेंट न करें। यदि करें भी तो ठीक मिलने के समय से थोड़ा पहले फोन कर कैंसिल कर दें।

-जब मजनू शादी के लिए बात करे तो टाल दें। कहें कि शादी वादी तो फिजूल की बातें हैं।

-मजनू से छुटकारा पाना हो तो वह जब भी मिस काल दे या मैसेज भेजे, उसे काल बैक न करें, न ही मैसेज का कोई रिस्पांस दें।

-मजनूं के साथ मजबूरी में घूमना पड़े तो तबियत खराब होने का बहाना बनाएं और चुप रहें। किसी रेस्टोरेन्ट में मजनू के साथ हैं तो जो वो खाना चाहे, उससे उलट मंगवाएं।

-कभी-कभी ऐसे मजनुओं को कुछ अपने कामों में उलझा कर रखें ताकि वे आपको खुश रखने के लिए जो काम मुश्किल हो, वो भी करवा दें।

-इतनी बेरूखी से शायद वह समझ जाएगा कि यहां दाल नहीं गलनी। अब और कोई तलाशा जाए और आप का पिण्ड भी छूट जाएगा।

- सुनीता गाबा

Share it
Top