आंखों के द्वार से दिल में उतरें

आंखों के द्वार से दिल में उतरें

एक फिल्म में नायक एक गीत 'अंखियों को रहने दो, अंखियों के.......' गाते हुए यह जताता है कि प्रेमिका की आंखें ही उसे सर्वाधिक आकर्षक लगती हैं। बात सिर्फ फिल्म की नहीं है अपितु यथार्थ जीवन में सौंदर्य का अह्म महत्त्व है और जब हम सौंदर्य की बात करते हैं तब हम अनायास ही आंखों के बारे में सोचने लगते हैं। यहीं कारण है कि आंखों के सौंदर्य को मृगनयनी की उपमा से उपमित किया जाता है।

आंखें हमारे दिल का द्वार होती हैं। आंखें बोलती तो नहीं किंतु बहुत कुछ कहती हैं। आंखों के माध्यम से हम हृदय की गहराइयों में छिपे गम अथवा खुशी को सहजता से पढ़ लेते हैं। जब परदेशी पिया की याद सताती है तब विरहिणी की आंखें ही उसकी विरह वेदना को दर्शाती हैं।

पुरूष भी सौंदर्य में आंखों के विशेष महत्त्व को मानते हैं और वे अपनी प्रेमिका की सुन्दर बड़ी सी झील जैसी आंखों पर मार मिटते हैं किंतु अपेक्षाकृत छोटी आंखों से भी अपने सौंदर्य को कुप्रभावित होने से बचा सकते हैं। विधियां हैं:-

- दिन में पलकों पर हल्का आई शैडो लगाए।

- रात में अपनी आंखों को खूबसूरत बनाने के लिए गहरे रंग का आई शैडो लगाएं।

- यदि आंखों की पलकें रूखी तथा काली पड़ गई हों तो उन पर हल्के हाथों से बादाम का तेल लगाएं।

- जिस रंग का आई लाइनर प्रयोग करें, उसी रंग से मिलता जुलता आई शैडो लगाएं।

- यदि आप किसी पार्टी में जाती हैं तथा आपका मूड शैतानी भरा है तो दो-तीन रंगों का आई शैडो लगा सकती हैं।

- छोटी आंखों की स्वामिनी के लिए यह आवश्यक है कि वे आंखों के भीतरी किनारों पर हल्के रंग का आई शैडो लगाएं। छोटी आंखों पर गहरे रंग के आई शैडो अच्छे नहीं लगते।

- यदि आपकी आंखें चौड़ी हैं, तो ऊपरी पलक के भीतरी किनारे पर गहरे रंग का और बाहरी ओर उसी का हल्का शेड लगाएं।

- यदि आप चश्मा लगाती हैं तो नेचुरल शेड का शैडो लगाएं। आंखों को ब्राउन आई पेंसिल से आकार दें।

इस के अतिरिक्त यह भी आवश्यक है कि आप तेज धूप में निकलें तो गहरे रंग का चश्मा पहनें, साथ ही साथ नियमित रूप से आंखों पर तीन चार बार छींटे दें। इससे आपकी आंखें सुन्दर ही नहीं, स्वस्थ भी रहेंगी।

- रंजना लाल

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