चिंता दुश्मन है बालों की

चिंता दुश्मन है बालों की

हर कोई अपने बालों पर बहुत ध्यान देता है चाहे वे ज्यादा हों या कम। सिर के बालों से खूबसूरती बढ़ती है। बालों को ठीक-ठाक रखने के लिए, लंबा करने के लिए या उन्हें झडऩे से रोकने के लिए सदियों से इंसान बहुत कुछ करता आया है। कई तरह के तेल बनाए गए। आंवला, रीठा, शिकाकाई का इस्तेमाल भी खूब किया जा रहा है।

अपने तरीकों से बालों को खूबसूरत घना और लम्बा करने के लिए लोग तरह-तरह के तरीके अपनाते हैं। कोई दही से बाल धोता है तो कोई अंडा लगाता है। उत्तर भारत के लोग सरसों के तेल का इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं। दक्षिण भारत में नारियल का तेल खूब इस्तेमाल होता है। बाजार में कई तरह के तेल उपलब्ध हैं। अब तो शैम्पू बनाने वाले भी दावा करते हैं कि अच्छे शैम्पू से बाल ठीक ठाक रहते हैं।

इस पर भी अगर सिर के बाल जाते हैं तो जाएंगे ही। एक केश-विशेषज्ञ के अनुसार 50 की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते 50 प्रतिशत लोगों के 50 प्रतिशत बाल झड़ जाते हैं। खास किस्म के तेल बनाने वाले दावा जरूर करते हैं कि उनके तेल के इस्तेमाल से बाल दोबारा उग आते हैं लेकिन सच्चाई यह है कि आज तक दुनियां में कोई ऐसा तेल या दवा नहीं बनी है जिससे बाल दोबारा उग सकें।

सिर के बालों के बारे में कई गलत धारणाएं प्रचलित हैं। कहा जाता है कि सिर मुंडा लेने से बाल दोबारा आ जाते हैं या घने हो जाते हैं। यह बात गलत है। बाल तो जड़ों पर निर्भर करते हैं। किसी व्यक्ति के सिर पर जितने बाल होंगे, उससे ज्यादा नहीं उग सकते। सिर मुंडाते रहने से गंजापन भी नहीं रूक सकता। बालों को हाथ से उखाड़ते रहने से बाल बढ़ते नहीं हैं बल्कि उस जगह पर दोबारा बाल उगने में देर लग सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादा जोर से कंघी या ब्रश करने से बालों को नुकसान पहुंचता है। जिन लोगों के बाल तैलीय हैं, उन्हें ज्यादा तेल का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। बेहतर यह है कि बालों को धोने से आधा घण्टा पहले तेल लगा लें और जब भी तेल लगाएं, बहुत जोर से सिर की मालिश न करें। इससे भी बाल टूटने लगते हैं। साबुन बालों को नुकसान पहुंचाता है। बेहतर यह है कि बालों को हल्के शैम्पू से धोया जाए।

स्वस्थ बालों का सीधा संबंध खान-पान और आपकी जीवन शैली से भी है। पौष्टिक भोजन से बाल स्वस्थ रहते हैं। हल्का-फुल्का व्यायाम, विशेषत: योगासन से बाल स्वस्थ रहते हैं। चिंता बालों की सबसे बड़ी दुश्मन है। आज के जमाने में तनाव, दबाव और परेशानियों से भी बाल झडऩे लगते हैं। चिंता कम कीजिए। तनाव में मत रहिए। गुस्सा थूक दीजिए।

एक पुराना लतीफा है:-

आपके बाल क्यों झड़ गए?

चिंता से।

काहे की चिंता?

बाल झडऩे की चिंता से।

- उमेश कुमार गिरधर

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