गर्मी के प्रकोप से रक्षा करें अपने लाडले की

गर्मी के प्रकोप से रक्षा करें अपने लाडले की

मौसम बदलने के साथ-साथ हमारी शिकायतों का दौर शुरू हो जाता है चाहे बारिश के दिन हों, कड़कती ठंड के या तपते-झुलसते गर्मियों के दिन। सबसे ज्यादा फिक्र होती है गृहणियों को बच्चों की। लाख मना करो, वे घर पर कहां टिकने वाले और गर्म हवा, तेज धूप में खेलना तो सीधा बुखार को निमंत्रण देना ही तो होता है।

बच्चों का भी दोष नहीं। उन्हें बड़ी प्रतीक्षा के बाद यह लम्बी छुट्टी मिलती है और खाली बैठना तो उनकी प्रकृति नहीं होती है, उत्साह और उमंग से भरी उम्र होती है। उनकी। अगर हम चाहें तो विरोध की जगह सहयोग देकर छुट्टियों को अधिक आकर्षक बना सकते हैं। इस बार हम अपनी दिनचर्या कुछ ऐसी बनाकर चलें कि बच्चों का समय भी मजे से कटे और छुट्टियों का भरपूर आनंद भी उठाया जा सके।

गर्मियों की सैर का विशेष महत्त्व होता है। सुबह और शाम बच्चों को साथ लेकर नदी के तट पर, बगीचे या हरीतिमा वाले स्थान पर जाने से शरीर में स्फूर्ति के साथ-साथ मन प्रफुल्लित होता है। बहुत से लोग अपने परिवारों के साथ पहाड़ या ठंडे स्थानों पर गर्मी बिताने जाते हैं लेकिन हर एक के लिये ऐसी जगहों पर जाना संभव नहीं होता क्योंकि हर एक की अपनी अलग-अलग समस्यायें होती हैं, परिस्थितियां होती हैं, उनके अनुसार हमें चलना होता है। थोड़ी सूझबूझ से कोई चाहे तो घर पर ही ठण्डा वातावरण बनाकर गर्मी से बचाव किया जा सकता है।

बहुत आवश्यक न हो तो महज छुट्टियां बिताने केे लिए सफर व भीड़-भीड़ से बचें तो ज्यादा अच्छा होगा। इससे बच्चों को अधिक परेशानी तो होती ही है और दूसरी जगह आप चाहकर भी घर जैसी सुविधा और आराम उन्हें नहीं दे सकती। घर का वातावरण स्वच्छ रखने के साथ-साथ ठण्डा बनाने के लिये दरवाजों और खिड़कियों पर मोटे कपड़े को गीला करके डाल दें। सूखने पर उन्हें पुन: गीला कर लें।

वातावरण के अनुरूप गर्मी में पोशाक का अनुकूल होना बहुत ही जरूरी है। इन दिनों हल्के रंग आंखों को शीतलता प्रदान करते हैं। बच्चों की पोशाकें हल्के रंग की सूती और ढीली हों तो उन्हें भी सुविधा के साथ आराम मिलता है। ऐसे कपड़े स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहतर होते हैं। दोपहर के समय बच्चों को एक-दो घण्टे सोने की आदत डालें ताकि सुस्ती भी दूर हो और वे तरोताजा हो जाएं।

गर्मी की लम्बी दोपहरी में समय का सदुपयोग, नये शौक और रूचियों को पूरा करने में किया जा सकता है जैसे पत्रिकाओं के ढेर से संग्रहणीय चित्रों को काटकर एलबम तैयार करना, इकटठे किये हुये निमंत्रण पत्रों को सुन्दर डिजाइनों से काटकर ग्रीटिंग कार्ड या बधाई पत्र बनाना, इन सबके लिये आपको भी उनके काम में दिलचस्पी लेनी आवश्यक है। आपका निर्देश पाकर अपनी कल्पना और सूझ से वे बड़े मनायोग से घर पर ही अपने कामों में व्यस्त रह सकते हैं। बच्चों को उनके कमरे की सजावट की जिम्मेदारी सौंप दें। चित्रकारी में रूचि रखने वालों को ब्रश और वाटर कलर देकर पुराने कैलेण्डरों के पीछे की ओर मनपसंद चित्र बनाने दें।

अपेक्षाकृत कुछ बड़े बच्चे 'कॉमिक्स' पढऩा पसंद करते हैं। उन्हें मनोरंजक और उद्देश्यपूर्ण किताबें पढऩे दें। अविश्वसनीय और हैरतअंगेज साहित्य की लत उनकी कल्पना की स्वाभाविकता को नष्ट कर देती है। दोपहर का समय 'इनडोर गेम्स' और शाम को 'आउटडोर गेम्स' के लिये मुनासिब होता है।

जो बच्चे छुट्टियों में पेंटिंग, संगीत या वाद्य यंत्र सीखने बाहर जाते हैं, उनके लिये छाया का समुचित प्रबंध हो ताकि सूर्य की प्रखर किरणों का त्वचा पर कोई असर न हो, बाहर निकलते वक्त पेट खाली न रहे। इसका ध्यान रखें। दोपहर में उन्हें पानी या कोई शीतल पेय जैसे नींबू की शिकंजवी, उबाले हुये कच्चे आम का शर्बत जाने से पहले अवश्य दें। यह लू से बचाव तो करता ही है, पेट की ठंडक भी बनाये रखता है।

गर्मियों के दिनों में भूख कम लगती है, इसलिये शरीर में पोषक तत्वों की कमी पूरी करने के लिये मौसमी फलों को अधिकाधिक सेवन करने के लिये दें। भोजन में नींबू, सलाद नियमित रूप से प्रयोग करें। संतरे, तरबूज, खरबूजे शाम के समय तरावट देते हैं। पूरे परिवार के लिये मसालेदार तले-भुने व्यंजनों की जगह भाप से पके व्यंजनों को प्रमुखता देनी चाहिए।

दूध से अरूचि रखने वाले बच्चों को दही व छाछ देना स्वास्थ्यकर होता है। इन दिनों बच्चों को आइसक्र ीम से विशेष लगाव रहता है। वक्त बेवक्त उनकी फरमाइश होती है लेकिन जान छुड़ाने के लिये पैसे दे देना मुसीबत मोल ले लेना होता है। तेज धूप में ठण्डी आइसक्रीम शरीर के साथ तालमेल नहीं बिठा पाती और बच्चे बीमार पड़ जाते हैं। अच्छा हो, उन्हें शाम या रात में स्वयं ही आइसक्र ीम खिलाने ले जाएं।

इस सबके अलावा गर्मी के दिनों में तरोताजा और हल्का-फुल्का होने के लिये सबसे जरूरी है ठंडे पानी से स्नान करना। बच्चे नहाना वैसे ही पसंद करते हैं। गर्मी के दिनों में सुबह-शाम, बेधड़क स्नान का आनन्द उठाया जा सकता है। तैरना सीखने और व्यायाम करने के लिए गर्मी के दिन ही सबसे उपयुक्त हैं। यह सोचकर हम त्रस्त होने की जगह प्रसन्नचित होकर इसके स्वागत के लिये तैयार रहें तो देखिए कितने मजे के साथ कटेंगी ये गर्मियां।

- अनामिका प्रकाश

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