धूम्रपान की लत बढ़ रही है महिलाओं में

धूम्रपान की लत बढ़ रही है महिलाओं में

आज पूरी दुनिया में महिलाओं में धूम्रपान की लत तेजी से बढ़ती जा रही है। इसका कारण जो भी हो लेकिन यह बड़ा सोचनीय विषय है। यदि आंकड़ों का सहारा लें तो डेनमार्क में 37 और नार्वे में 36 प्रतिशत महिलाएं धूम्रपान करती हैं।

जैसे-जैसे स्त्रियों में धूम्रपान की प्रवृत्ति बढ़ी है वैसे-वैसे इससे जुड़े रोगों के कारण मरने वाली महिलाओं की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हुई है। यूनिसेफ की ताजा रिपोर्ट में यह बताया गया है कि विकसित देशों में पन्द्रह वर्ष से अधिक आयु की सात प्रतिशत महिलाएं धूम्रपान करती हैं।

यह तो रहा आंकड़ों का सवाल। यदि व्यवहारिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो महिलाओं का नशे की ओर आकर्षित होने का मुख्य कारण है उनके भीतर पुरूषों जैसा दिखने की चाहत। महिलाएं यह सोचती हैं कि हम किस मायने में पुरूषों से कम नहीं हैं। यदि वे कुएं में कूद सकते हैं, तो हम क्यों नहीं, यानी पुरुष जब कोई कार्य कर सकते हैं तो हम क्यों नहीं कर सकते। यही काम जीवन के एक ऐसे डगर पर लाकर खड़ा कर देता है जहां से निकल पाना मुश्किल है।

धूम्रपान की प्रवृत्ति किशोरावस्था या यूं कहें कि पन्द्रह वर्ष की आयु से ही शुरू हो जाती है। औद्योगिक देशों, जैसे आस्ट्रेलिया, स्पेन, डेनमार्क और स्वीडन में किशोरों से अधिक संख्या में किशोरियों को यह लत लग गई है। इन देशों में लम्बे समय से स्त्रियां तम्बाकू के सेवन में लिप्त हैं, इसलिए उनकी मृत्यु दर में लगातार बढ़ोत्तरी होती जा रही है।

जिस प्रकार पुरूषों में धूम्रपान

के कारण हृदय रोग और फेफड़ों

की बीमारियां बढ़ती हैं, उसी प्रकार स्त्रियों में इसका प्रभाव बांझपन, अति रक्तस्राव व ग्रीवा कैंसर के रुप में देखने को मिलता है।

जो महिलाएं धूम्रपान करती हैं, उनके गर्भपात की दर भी अधिक है। गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान से उसका असर सीधे बच्चे पर पड़ता है और शिशु बीमारियों से ग्रस्त रहता है या उसकी मृत्यु तक होने की आशंका रहती है।

हमारे देश में भी महिलाएं धूम्रपान की ओर आकर्षित हुई हैं। इसका कारण ग्लैमर की चकाचौंध और आधुनिक दिखावा है। खासकर आज-18 से 25 साल की लड़कियों में धूम्रपान की ओर ज्यादा खचाव है। इसके बारे में एक विशेषज्ञ का मानना है कि 'लड़कियों की स्पष्ट सोच है कि जब लड़के कोई काम कर सकते हैं तो हम क्यों नहीं कर सकते। इसी सोच ने आज युवा पीढ़ी के लोगों को बर्बादी के कगार पर खड़ा कर दिया है।

आज का आकर्षण कल का भविष्य नहीं हो सकता, इसलिए ज्यादा आकर्षण आपका जीवन तबाह कर सकता है। अपने को आधुनिक दिखने के चक्कर में बर्बाद मत करिए। महिला समाज नशे से दूर रहे और जीवन को सुखी रखे।

-मेघा गाबा

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