नौकरीपेशा महिलाएं बनें शक्तिशाली

नौकरीपेशा महिलाएं बनें शक्तिशाली

कुछ नौकरीपेशा महिलाएं अत्यंत घमंडी किस्म की होती हैं। वे अपने समक्ष किसी को कुछ समझती ही नहीं। घर व ऑफिस, जहां भी वे हों, माहौल सदैव तनावपूर्ण बना रहता है। इससे जहां वे अपनी प्रतिभा का अपमान करती हैं, वहीं किसी के सम्मान की पात्र नहीं बन पातीं। नौकरीपेशा महिलाओं को इतना शक्तिशाली होना चाहिए कि कोई भी अनर्गल बात उन्हें छूने न पाए। लोग उनकी शक्ति का लोहा मानें। आप भी बनना चाहती हैं ऐसी शख्सियत, तो ध्यान दें कुछ बातों पर।

अहं से दूर रहें:- अगर आप अधिक पढ़ी लिखी हैं तो इसका लेशमात्र भी घमंड न करें बल्कि दूसरों के लिए प्रेरणास्रोत बनें। दूसरों की मदद करें। सबसे नम्रतापूर्वक व्यवहार करें। जहां भी जाएं, माहौल को सहज बनाए रखें, न कि अनर्गल बातें करके माहौल को बोझिल बना दें।

परिवारजनों से मेलजोल बनाए रखें:- अपने माता-पिता व सास-ससुर को पूर्ण सम्मान दें। साथ ही घर के अन्य छोटे-बड़े सदस्यों के साथ भी जितना समय बिताएं, प्रेमपूर्वक रहें। छोटी-मोटी बातों को मन से निकाल दें। यदि माता-पिता या सास-ससुर कभी आपकी गलत बात पर आपको टोक दें तो इसका बुरा न मानें। अपनी तरफ से सदैव कूल' रहने का प्रयास करें।

अगर आपके परिवारजन आपको घरेलू कार्यों में सहयोग नहीं देते तो इसके लिए हाय-तौबा हरगिज न मचाएं। इसकी बजाय अपना काम स्वयं ही करने की आदत बना लें क्योंकि अगर आप उनके सहयोग न देने की आदत को लेकर गुस्सा करेंगी या टेंशन लेंगी तो इसमें नुकसान आपका ही होगा। आप मानसिक व शारीरिक रूप से अस्वस्थ हो जाएंगी अत: सदैव सामान्य रहने की कोशिश करें। अगर आपकी आमदनी अच्छी है तो मदद हेतु नौकरानी भी रख सकती हैं।

सकारात्मक सोचें:- नकारात्मक विचार इंसान को बीमार व कमज़ोर बनाते हैं अत: नकारात्मक बातों को मन में जगह न बनाने दें। आत्मविश्वास को डगमगाने न दें। ऑफिस या घर में कभी किसी से छोटी-मोटी नोकझोंक हो जाए तो इसे दिल से न लगाएं। कभी कोई आपकी बुराई करें तो हीन भावना मन में न आने दें। हां, अपनी कमियों को दूर करने हेतु प्रयासरत अवश्य रहें।

अपने मूड को सदैव तरोताजा रखें। सकारात्मक विचार मन में लाएं व खुश रहें।

सचेत रहें:- अपने आसपास के माहौल के प्रति सजग रहें। सुनसान रास्ते पर अकेली जाने से बचें। यदि जाना भी पड़े तो सतर्कता बरतें। ऑफिस में पुरूष सहकर्मियों से बहुत अधिक मेलजोल न बढ़ाएं, न ही ऑफिस के बाहर उनसे मिलें। बॉस के सामने कभी भी अपनी समस्याओं का पिटारा न खोलें, इससे वे आपका नाजायज फायदा उठा सकते हैं।

ऑफिस के काम से बाहर जाना पड़े तो सचेत रहें, खासकर रात को बाहर रूकना पड़े तो खास एहतियात बरतें। किसी पर आसानी से विश्वास न करें। कई महिलाएं जल्दी ही दूसरों की बातों में आ जाती हैं। ऐसा हरगिज न करें क्योंकि पता नहीं कब भगवान के भेष में शैतान के दर्शन हो जाएं।

स्वयं पर ध्यान दें:- अक्सर कहा जाता है कि व्यक्ति की पहचान उसके कपड़ों से होती है। अपने मेकअप व वेशभूषा पर ध्यान दें। ऐसा मेकअप करें जो आपके चेहरे पर निखार लाए न कि उसे भद्दा दिखाए। वस्त्रों का चुनाव भी अपने रंगरूप व कदकाठी के अनुरूप ही करें। जो भी पहनें, सलीके से पहनें। हेयर स्टाइल पर भी ध्यान दें। जो स्टाइल आप पर सूट करता हो,वही बनाएं। बीच-बीच में बदलाव लाती रहें। इसके अलावा अपनी सेहत का भी ख्याल रखें। पौष्टिक आहार लें। यथासंभव थोड़ा व्यायाम भी करें ताकि पूर्णरूप से फिट रह सकें।

-भाषणा बांसल

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