जब जाएं हनीमून पर

जब जाएं हनीमून पर

आज के युग में तो यह आवश्यक सा हो गया है कि विवाह के पश्चात एक दूसरे को निकट से जानने, परखने एवं एक दूसरे का प्रेम सामीप्य पाने के लिए युवा हृदयों को हनीमून पर अवश्य ही जाना चाहिए क्योंकि घर के छोटे से वातावरण में यह संभव नहीं होता।

बड़े बूढ़ों की रोक टोक, झिझक एवं घर की व्यस्तताओं के कारण युवा प्रेमी न तो खुलकर समर्पण ही कर पाते हैं और न ही प्रत्येक पल को रूमानी एवं नशीला ही बनाया जा सकता है। ऐसे में हनीमून पर जाना ही हितकर होता है और इसीलिए लोग हनीमून पर जाते हैं।

घर के वातावरण से निकल कर आप अपने साथी के साथ कुछ समय एकांत में व्यतीत करने निकल पड़ते हैं तो इसे अच्छा ही कहा जाएगा पर हनीमून पर जाने से पहले यदि आप कुछ बातों का ध्यान रखेंगी तो आप के साथ बिताए गए मधुर रोमांचक एवं आनंदपूर्ण क्षण सदैव के लिए गुदगुदाने वाली स्मृति बने रहेंगे।

ऐसा कुछ न करें जिसे देख कर आप को लोगों की फब्तियों का सामना करना पड़े, आप किसी मुसीबत में फंस जाएं अथवा अपनी ही नजरों में गिर जाएं। हनीमून पर बन संवर कर जाना कोई बुराई नहीं है पर ऊल जलूल कपड़ों की गठरी लाद कर जाना भी उचित नहीं। जेवर न ही ले जाएं तो अच्छा है। उन के स्थान पर कृत्रिम आभूषणों का प्रयोग करेंगी तो किसी प्रकार का खतरा भी नहीं रहेगा। कुछ लोग अपनी प्रेम लीला में इतने मग्न रहते हैं कि उन्हें उचित अनुचित का भी ध्यान नहीं रहता। परिणाम होता है लोगों के व्यंग्य एवं फब्तियां, यानी हनीमून कोई मनाता है, मजा दूसरे लेते हैं।

हनीमून के दौरान जीवन का एक-एक क्षण आप का है। उसे चाहें जैसे भोगें पर इस बात का ध्यान रखें कि आप के किसी व्यवहार से हनीमून की गरिमा पर कोई धब्बा न पड़े।

आप घर से बाहर आनन्दपूर्ण क्षणों को भोगने के लिए आए हैं। व्यर्थ के अंकुश एवं बंधन आप को पसन्द नहीं। आप मुक्त समर्पण चाहते हैं और एक-एक क्षण का पूरा-पूरा लाभ उठाने के लिए ही घर से बाहर निकलते हैं पर यह भी सोचें कि अकेले आप ही हनीमून पर नहीं आए हैं। और भी बहुत से लोग हैं। शालीनता को उठा कर ताक पर न रखें और निर्लज्जतापूर्ण व्यवहार न करें। आप कहीं भी रहें, थोड़ा बहुत संयमी तो आप को बनना ही पड़ेगा।

यह तो निश्चित है कि नितांत निजी क्षणों में कुछ नया न हो तो अच्छा नहीं लगता। आप परिवार से दूर हैं अत: आप अपनी और अपने पति की इच्छानुसार आकर्षक आधुनिक परिधान पहन कर इठला सकती हैं। इस प्रकार के परिधान में आप पहले से अधिक आकर्षक सुन्दर एवं उत्तेजक लगेंगी ही और आप के वो आप को हर समय आलिंगन में कसने के लिए बेताब रहेंगे। परिवार की चिंता छोड़ मौज मस्ती करें, खाएं पिएं व एक दूसरे को समझने का प्रयास करें।

यह न भूलें कि ये दिन दुबारा नहीं आते, अत: संकोच छोड़कर हनीमून का पूरा आनंद उठायें। बस इतना ध्यान रखें कि आपकी प्रेमलीला का आनंद दूसरे न उठायें।

- वीर सुरिंदर डोगरा

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