विभिन्न प्रकार के बालों की देखभाल

विभिन्न प्रकार के बालों की देखभाल

अधिकतर महिलाएं अक्सर बालों की समस्याओं जैसे बाल गिरना, रूसी होना, बेजान व रूखे बालों की शिकायत करती हैं परन्तु इन सारी समस्याओं के बावजूद वे बालों की देखभाल पर ध्यान नहीं देती और न ही इन्हें अपनी त्वचा की तरह महत्त्व देती हैं। जैसे-जैसे वे इन समस्याओं को नजरअंदाज करती हैं, ये एक भयानक सपने में तब्दील हो जाती हैं। कितनी महिलाओं को तो पता ही नहीं कि बालों की समस्याओं का भी थेरेपी तथा अन्य विधियों से इलाज किया जा सकता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक बालों की समस्याओं को दूर करने हेतु सबसे पहले उनकी प्रकृति को जानना बेहद जरूरी है यानी आपके बाल कैसे हैं? रूखे, तैलीय या फिर सामान्य। इसके बाद ही आगे बढ़ा जा सकता है क्योंकि बालों की किस्म जाने बिना इनका इलाज करने से समस्या ज्यादा बढ़ सकती है। अब महिलाओं के मन में एक सवाल उठ रहा होगा कि वे यह कैसे जानें कि उनके बाल किस प्रकार के हैं।

यहां बालों की कुछ किस्में दी जा रही हैं जिससे आप यह पता लगा सकती हैं कि आपके बाल कैसे हैं।

सामान्य बाल:- इस प्रकार के बाल आमतौर पर चमकीले होते हैं। उनमें चिकनाहट नहीं होती और इन्हें बांधना या इनका हेयर स्टाइल बनाना आसान होता है।

तैलीय बाल:- इनमें चिकनापन अत्यधिक मात्रा में होता है। यहां तक कि शैंपू करने के बाद भी ये चिकने रहते हैं। अगर इस तरह के बालों पर कंडीशनर लगाया जाता है, तब भी इनमें सामान्य बालों की तरह चमक नहीं आती। तैलीय बाल तभी होते हैं, जब आपकी त्वचा भी तैलीय होती है। इनकी जड़ों में अत्यधिक तेल जमा रहता है जो इन्हें चिकना व बेजान बना देता है। इसलिए जरूरी है कि बालों की जड़ों को साफ रखा जाए और पहले इनमें से अतिरिक्त तेल को हटाया जाए। इसके लिए तैलीय बालों की नियमित सफाई आवश्यक है। यदि आप गुनगुने पानी से बालों को साफ करती हैं तो शैंपू करने के बाद इन्हें थोड़े-से ठंडे पानी से अवश्य धोएं।

सूखे बाल:- शैंपू करने के पश्चात् इस तरह के बालों को संभालना बहुत मुश्किल हो जाता है। ये पतले व बेजान दिखाई देते हैं। सूखे बाल उलझे-उलझे रहते हैं, यहां तक कि उंगलियों से भी इनकी उलझनों को खोलना मुश्किल हो जाता है। यदि बालों की जड़ें रूखी हैं तो इससे रूसी होने की संभावना बनी रहती है और यदि इसका जल्द इलाज न किया जाए तो बाल पतले भी हो जाते हैं। तैलीय ग्रंथियों में रूखापन होने का विशेष कारण है इनकी जड़ों में कमी जो इन्हें रूखा व कड़ा बना देती हैं।

इसके अलावा पोषण की कमी, धूप में बैठने तथा ड्रायर वगैरह का अत्यधिक प्रयोग करने से भी बालों की नमी लुप्त हो जाती है। बालों की नियमित तेल मालिश व नमीयुक्त पदार्थों का प्रयोग इनकी नमी लौटा सकता है। कंडीशनर का प्रयोग भी इस तरह के बालों के लिए जरूरी है। ज्यादा शैंपू न करें। बालों में रात को तेल की मालिश करें व सुबह उन्हें धोएं। इससे तेल बालों की जड़ों में समा जाएगा व तैलीय ग्रंथियां सक्रिय हो उठेंगी और तेल का प्रवाह तेजी से बालों की जड़ों में फैलेगा।

यदि आपके बाल अत्यधिक रूखे हैं और बेजान भी हैं तो इसके लिए किसी विशेषज्ञ से मिलकर सलाह लें। बालों को धोने के बाद तौलिए से पोंछने की गलती न करें क्योंकि तौलिये से बालों की जड़ों की नमी खत्म हो जाती है। इसकी बजाय बालों को धोने के पश्चात् नरम हाथों से उनका पानी निचोड़़ें तथा तौलिए में लपेट लें।

सही भोजन:- विशेषज्ञों का मानना है कि बालों की समस्याएं सिर्फ इनकी देखभाल से ही दूर नहीं हो जाती क्योंकि बालों को प्रभावित करने वाले कई कारक हैं जैसे आनुवंशिक तौर पर कैमिकल या दवाइयों के सेवन का बुरा प्रभाव हारमोन्स में बदलाव, तनाव व चिंता तथा सबसे बड़ा कारण है-सही भोजन की कमी।

बालों की अच्छी सेहत के लिए जरूरी है कि आपका भोजन सिलिका, कैल्शियम व आयरन से भरपूर हो। कच्ची जई में सिलिका प्रचुर मात्रा में विद्यमान होती है जबकि सूखे मेवे तथा चेरी का जूस आयरन के अच्छे स्रोत हैं। हरी पत्तेदार सब्जियों में कई प्रकार के खनिज होते हैं।

महिलाओं के पतले बालों या फिर इनके टूटने का कारण उनकी पाचनतंत्र संबंधी गड़बडिय़ां हो सकती हैं या फिर यह प्रोटीन, जिंक व अन्य पोषक तत्वों की कमी से भी हो सकता है। बालों को तंदुरूस्त बनाए रखने हेतु भोजन में ब्राह्मी तथा आंवला को सम्मिलित करें। बालों के गिरने का अन्य कारण खून की कमी भी माना जाता है। इसके लिए आयरनयुक्त पदार्थों का सेवन करना बहुत जरूरी है। सभी प्रकार के अनाज, गहरे हरे रंग की पत्तेदार सब्जियां, अंडे, खजूर, किशमिश इत्यादि आयरन के अच्छे स्रोत हैं।

बालों के विकास हेतु प्रोटीनयुक्त पदार्थों, जैसे-दही, अंकुरित गेहूं, दालों इत्यादि का सेवन करें। इसके अलावा बीन्स, कम वसा वाला पनीर भी प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं। सोया प्रोटीन बालों की वृद्धि में सहायक सिद्ध होता है। सोया दूध में प्रोटीन प्रचुर मात्रा में होता है।

सेहतमंद बालों की विशेषताएं:-

यदि आपके बालों में निम्न गुण मौजूद हैं तो समझ लीजिए कि आपके बाल पूर्णरूप से स्वस्थ हैं:-

- घने बाल जो टूटते या गिरते न हों, स्वस्थ बालों की श्रेणी में आते हैं।

- चमकदार बाल, जिनमें न तो चिकनापन हो और न ही रूखे-सूखे व बेजान दिखाई दें। उनमें प्राकृतिक चमक दिखाई दे।

- कोमल व नरम हों जिन्हें बड़ी आसानी से सेट किया जा सके और कोई भी हेयर स्टाइल बनाने में कठिनाई न आए।

- कांतियुक्त हों जिनमें दूर से ही चमक दिखाई दे।

ह्म्वे न तो कड़े हों, न ही कमजोर बल्कि उन्हें बांधने पर भी उनमें से एक भी बाल न गिरे। हाथ लगाने पर उनमें कोमलता का अहसास हो।

-भाषणा बांसल

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