कामकाजी अभिभावक और बच्चे

कामकाजी अभिभावक और बच्चे

आज कामकाजी माता-पिता की संख्या बढ़ती जा रही है। अधिकतर परिवार ऐसे हैं जहां माता-पिता दोनों ही काम पर जाते हैं और बच्चे अधिकतर समय माता-पिता की गैर हाजिरी में बिताते हैं। माता-पिता की गैर हाजिरी में ये बच्चे क्या सोचते हैं, इन्हें क्या परेशानियां उठानी पड़ती हैं इसके बारे में अभिभावक अधिकतर अनजान ही रहते हैं।

यदि आप चाहते हैं कि आपके बच्चे के साथ आपके संबंध अच्छे हों तो उनकी बातों को गौर से सुनें। उनकी भावनाओं को जानें। जब आप बच्चे की बातों को गौर से सुनेंगे और उसकी जिज्ञासाओं को शांत करने का प्रयत्न करेंगे तो बच्चे और आपके संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी। जब आप दफ्तर में हैं तो बच्चे को बीच में एक दो बार फोन करके उनसे पूछ लें कि उसे कोई परेशानी तो नहीं। इससे बच्चे को आपकी कमी का अहसास भी खत्म हो जाएगा।

आप सारा दिन घर से बाहर रहते हैं। इस बीच बच्चे ने क्या खाया, इस पर अवश्य ध्यान दें। सुबह उसे सही ढंग से नाश्ता करवाएं और टिफिन देकर भेजें। उसका दोपहर का भोजन भी तैयार करके जाएं। बच्चे को पूरी तरह नौकरानी के सिर पर न छोड़ें। नौकरानी नौकरानी होती है और मां, मां होती है।

बच्चे की पढ़ाई के प्रति भी लापरवाही न बरतें। उसके स्कूल बीच-बीच में जाकर उसकी प्रोग्रेस को जानने का प्रयत्न करें। जो अभिभावक बच्चे की पढ़ाई के प्रति लापरवाही बरतते हैं, उनके बच्चे भी इसका फायदा उठा कर पढ़ाई पर ध्यान नहीं देते और जब बच्चा बिगड़ जाता है तो माता-पिता को अपनी लापरवाही का एहसास होता है। रॉयल बुलेटिन की नई एप प्ले स्टोर पर आ गयी है।royal bulletin news लिखे और नई app डाउनलोड करें

बच्चे को यह एहसास दिलाते रहना कि आप जो काम कर रहे हैं, पैसा कमा रहे हैं वह सिर्फ उसके लिए है, भी गलत है। बच्चे को सही ढंग से समझाएं कि परिवार की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए आपका काम करना जरूरी है।

आपके समझाने के गलत ढंग का भी बच्चे पर गलत प्रभाव पड़ सकता है और वह आपको जवाब दे सकता है कि अगर सब कुछ उसके लिए किया जा रहा है तो उसकी मर्जी को जाना क्यों नहीं जा रहा है। बच्चे माता-पिता का स्नेह, साथ व ध्यान चाहते हैं और इनकी कमी उन्हें यह एहसास दिला देती है कि उनकी अपेक्षा हो रही है।

एक और बात जिसका ध्यान रखना अक्सर माता पिता भूल जाते हैं, वह है बच्चे की सुरक्षा। बच्चा घर पर अकेला होता है और हो सकता है उसे डर भी लगे। आजकल की बढ़ती आपराधिक गतिविधियों के कारण उनकी सुरक्षा बहुत जरूरी है इसलिए उन्हें सिखाएं कि अनजाने व्यक्ति से बात न करें और उनके लिए दरवाजा भी न खोलें।

आपके बच्चे आपसे अपेक्षा रखते हैं कि उन की जो आवश्यकताएं हैं, उनकी पूर्ति हो। अगर माता पिता इन आवश्यकताओं पर ध्यान दें तो अपने काम के साथ अपने बच्चे के प्रति भी अपना दायित्व खूबी से निभा सकते हैं।

- सोनी मल्होत्रा

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