प्यार में सावधानी

प्यार में सावधानी

रीना की एक दिन दिनेश से मुलाकात हुई और उससे प्रेम करने लगी। रीना, दिनेश से शादी करना चाहती थी लेकिन जानती थी उसके घर वाले अंतर्जातीय विवाह के लिए तैयार नहीं होंगे, इसलिए एक दिन पैसा और जेवर लेकर दिनेश के साथ भाग गई। दिनेश उसे मुम्बई ले गया। एक होटल में ठहरे। दिनेश उसकी इज्जत से खेलकर और पैसे लेकर गायब हो गया।

यह सिर्फ एक उदाहरण है। इस तरह के समाचार अखबार में जब तब छपते रहते हैं।

प्रेम बड़ा नाजुक विषय है। औरतें विशेषत: कम उम्र की लड़कियां प्रेम के चक्कर में जल्द आ जाती हैं। ज्यादातर केसों में यह होता है कि प्रेमी बेवफा निकलता है। प्यार का विश्वास दिलाकर औरत की इज्जत लूट लेता है और फिर उसे छोड़कर भाग जाता है।

ऐसा होने पर औरत जबर्दस्त घाटे में रहती है। जिस औरत का किसी मर्द से शारीरिक संबंध जुड़ गया हो उसे अपनाने को दूसरा मर्द सहज तैयार नहीं होता। अगर हो भी जाए तो भी पत्नी पर शक हमेशा बना रहता है।

प्रेम के मामले में औरत को बहुत सावधानी बरतने की जरूरत है। अगर किसी मर्द से प्रेम हो जाए तो जब तक शादी न हो जाए, समर्पण नहीं करना चाहिए। औरत को समर्पण हमेशा शादी के बाद ही करना चाहिए। मर्द पर विश्वास करके अगर औरत प्यार में छली जाए तो दोष औरत को ही मिलता है। आजकल सह शिक्षा के साथ मर्द-औरत साथ-साथ काम भी करने लगे हैं। इसलिए एक दूसरे के प्रति आकर्षित होने की बहुत संभावना रहती है। औरत, मर्द पर जल्दी विश्वास कर लेती है। और फिर धोखा खा जाती है। इसलिए प्यार होने पर सावधान रहने की जरूरत है।

- किशन लाल शर्मा

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