मौके के अनुसार सजें-संवरें

मौके के अनुसार सजें-संवरें

अपनी सहेली की बर्थडे पार्टी में पहुंची सुषमा बैंक में अच्छी पोस्ट पर काम कर रही है और मोटी तनख्वाह ले रही है मगर पार्टी में जिसने भी उसे देखा, अपनी भौंहें सिकोड़ ली। दरअसल वह जिस तरह की साड़ी पहने थी उससे लग रहा था कि वह घर से फ्रेश होकर नहीं आई बल्कि ऑफिस के बाद सीधा पार्टी में ही आ गई हो। शरीर पर कॉटन की साड़ी थी जो दिनभर की व्यस्तता के कारण अस्त-व्यस्त हो गई थी। रूखे बालों का कसकर उसने जूड़ा बना रखा था और कंधे पर वही मोटा बैग लटका रखा था।

उसे इस रूप में देखकर उसकी सहेली कह ही बैठी 'क्यों, सुषमा तुम थोड़ा सज-संवरकर नहीं आ सकती थी। तुम ऐसे ही पार्टी में चली आई। अपने रूतबे का असर दिखाते हुए सुषमा बोली अरे भई, यहां समय किसके पास है कि सजे-धजे। सब जानते हैं कि मैं सारा दिन ऑफिस में व्यस्त रहती हूं। वैसे भी मैं शादीशुदा हूं। क्या फर्क पड़ता है? अब बिलकुल फुरसत नहीं मिलती अपने लिए।

उसकी सहेली उसकी बातें सुन रही थी मगर ऐसे समय पर उसे और क्या कह सकती थी लेकिन वह देख रही थी कि सुषमा पार्टी में आई अन्य महिलाओं से बातें करते हुए काफी असहज महसूस कर रही थी। वह यह भी देख रही थी कि सभी महिलाएं पार्टी में किस तरह सज-धजकर आई हैं। सुषमा पर मन ही मन बड़ा जोर भी पड़ रहा था मगर अब बहाना नहीं बनाती तो क्या करती?

आप भी इस विषय में सोचें और बतायें कि क्या सही है? दरअसल हर जगह का अलग हिसाब होता है। आप एक ही रूप में हर जगह सम्मान नहीं पा सकती। मौके की नजाकत के अनुसार सजना-संवरना जरूरी है। घर पर तो आप कैसे भी रह सकती हैं मगर घर से बाहर निकलने पर आपको थोड़ा बन-ठन कर निकलना पड़ता है क्योंकि हर आदमी यह देखेगा कि आप कैसी दिख रही हैं? इसलिए आपको मौके के अनुसार तैयार होना होगा। रॉयल बुलेटिन की नई एप प्ले स्टोर पर आ गयी है।royal bulletin news लिखे और नई app डाउनलोड करें

यह आपको तय करना होगा कि किस मौके पर आप कैसी दिखें और क्या पहनें? इससे आप तारीफ तो पाएंगी ही बल्कि आप में आत्मविश्वास भी आएगा।

मौके के अनुसार ही सजें-धजें। इससे आप खूबसूरत तो दिखेंगी ही, लोगों में आपकी लोकप्रियता भी बढ़ेगी। खूबसूरत दिखने के लिए जरूरी नहीं कि आप महंगी चीजें ही पहनें बल्कि अपनी पर्सनेलिटी के हिसाब से वे चीजें पहनें जो आप पर सूट कर रही हों।

इतना भी जान लें कि कब क्या अच्छा नहीं लगता:-

- हल्की फुल्की पार्टी में भारी-भरकम साड़ी और ज्वैलरी।

- विवाह आदि बड़े समारोह में हल्के रंग का सूट या साड़ी।

- बस में जाते हुए मिनी स्कर्ट या विदाउट स्लीव्स सूट आदि पहने हुए।

- इंटरव्यू में जाना हो और चुस्त कपड़े या मिनी स्कर्ट पहनी हो।

- किसी पारंपरिक समारोह में पश्चिमी परिधान पहनकर जाना।

- ऑफिस में टूटी चप्पलें और फटे कपड़े पहनकर जाना।

- फटी और गंदी एडिय़ों पर पाजामी के साथ ऊंची हील वाले सैंडल।

ध्यान रहे कहीं भी जायें, बाल सलीके से काढ़ लें। थ्रेडिंग करवा लें। हलकी ज्वैलरी पहनें। प्यारी सी डे्रस और साफ सुथरे सैंडिल के साथ साफ ही पर्स लें। अब आप तैयार हैं। जरा अपने लिए समय निकाल कर तो देखें।

- शिखा चौधरी

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