प्रत्येक सफल स्त्री के पीछे कोई पुरूष होता है?

प्रत्येक सफल स्त्री के पीछे कोई पुरूष होता है?

हर कामयाब पुरूष की सफलता के पीछे स्त्री का हाथ होता है ऐसा माना जाता है लेकिन यह शायद कुछ ही लोग जानते होंगे कि हर कामयाब स्त्री की सफलता के पीछे पुरूष का भी उतना हाथ है।

आज की मॉडर्न वुमैन अपनी अस्मिता के प्रति सजग है। उसे अब घर की चारदीवारी में ही सुख संतोष नहीं मिलता। वह कुछ बनना चाहती है। कुछ कर दिखाने की महत्त्वाकांक्षा आज उसमें बलवती हैै। इसके लिए वह जी तोड़ मेहनत करती है। विवाह पूर्व उसे मां बाप का सहयोग प्राप्त है जो उसे उच्च शिक्षा दिलवाने को तत्पर हैं। ज्यादातर अभिभावक अब लिंग भेद नहीं करते।

पढ़-लिख कर स्वाभाविक है कि लड़की अपनी योग्यतानुसार किसी न किसी कार्य में लग जाती है। यह एक कड़वा सच है कि पूर्ण योग्यता और सक्षमता के बावजूद अधिकतर महिलाएं अपने कैरियर में वह सफलता प्राप्त नहीं कर पातीं जो वे कर सकती थीं। कारण होता है दांपत्य असफल होने का भय चूंकि पतिदेव जरा भी कोऑपरेट नहीं करते। जाहिर है घर परिवार को प्रमुखता देते हुए वे कैरियर को दूसरे नंबर पर रखती हैं।

कुछ ही ऐसी स्त्रियां होगी जो घर बाहर में संतुलन बनाए रखकर कार्यक्षेत्र में सफलता प्राप्त करने का अपना उद्देश्य पूर्ण कर पाती हैं। निस्संदेह वे यह सब अपने पति के प्रोत्साहित करने व सहयोग करने के कारण ही कर पाती हैं नहीं तो उनके मायूस, फस्टे्रटेड, निराश, हताश, हीनभावना से ग्रस्त होकर रह जाने की पूरी संभावना है।

-उषा जैन 'शीरी'

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