खुशी की तलाश में

खुशी की तलाश में

जैसे हमेशा रात नहीं रहती, वैसे दिन भी नहीं रहता। गर्मी के बाद बरसात, बरसात के बाद सर्दी और फिर बसंत ऋतु आती है वैसे ही रात के बाद दिन आता है जो नई उमंगें व आशाएं लेकर आता है। इसी प्रकार लंबे समय तक न तो उदासी पास रहती है न खुशियां। दोनों ही आती हैं और चली जाती हैं

पैसा भी तब तक खुशी देता है जब तक बेसिक जरूरतें पूरी नहीं होती। ज्यादा पैसा भी खुशी नहीं देता। ज्यादा पढ़ाई भी खुशी नहीं देती। फिर खुशी किससे मिलती है। बहुत सारे लोगों से पूछने पर पता चला कि खुशी अच्छे दोस्तों से मिलती है। आध्यात्मिक संतुष्टि में भी खुशी मिलती है या फिर जब हम अपने मूड बिगडऩे के बारे में जानना शुरू कर देंगे तो उसे ठीक करने के बारे में भी जानने का प्रयास करेंगे, तब हम खुश रह पायेंगे।

वैसे हम कुछ छोटी छोटी बातों में भी खुशियां ढूंढ सकते हैं।

- ऐसे लोगों की कंपनी में रहें जो हमेशा खुश रहना जानते हों।

- कोई अप्रिय घटना होने पर 'सेल्फ पिटी' वाली सिचुएशन न बनायें और उस प्रॉब्लम का हल ढूंढने का प्रयास करें।

- आत्म निरीक्षण करें और देखें कि क्या गलत किया। अगर उसे दूसरे रूप में करते तो ज्यादा अच्छा होता। इससे आप अगले दिनों में उस सिचुएशन को आसानी से हैंडल कर पायेंगे।

- किसी भी सिचुएशन में खुश रहने का अवसर तलाशें।

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- किसी भी जरूरतमंद की मदद कर खुशी पाएं। आर्थिक मदद से अधिक भूखे को खाना खिलाकर, जरूरतमंद को कपड़ा देकर, किसी को पढ़ाई में मदद करके, सामान उठाने में मदद करके, किसी बूढ़े को सड़क पार करवा कर या जिनके बच्चे दूर रहते हों, ऐसे जरूरतमंद बूढ़ों को बाजार से सामान लाने, बिजली, पानी बैंक का काम कराने में मदद कर खुशी पाएं।

- अपनी गलती के अहसास को महसूस कर माफी मांगने से भी दिल को सुकून मिलता है।

- अगर आप हैल्दी हैं तो भी आप खुश रह सकते हैं। अगर ओवरवेट हैं या अंडर न्यूट्रीशन हैं तो आप खुश नहीं रह सकते। अपनी हैल्थ पर पूरा ध्यान दें खुश रहने के लिए।

- कुछ भी सफलता मिलने पर आप दूसरों को ट्रीट देते हैं। कभी कभी स्वयं को ट्रीट देना सीखें। उस दिन अपनी मर्जी का खाएं, पहनें जिसे खाने-पहनने से मन प्रसन्न होता हो।

- आप दुनियां को कंट्रोल नहीं कर सकते। ऐसे में जो है, उसे ही स्वीकार करने की आदत बनाएं।

- बुरे वक्त में 'यह दौर भी गुजर जाएगा' वाली फिलासॅफी को याद रखें।

- प्रतिदिन प्रात: उठकर भगवान से प्रार्थना करें कि मैं भाग्यशाली हूं, मैं खुशकिस्मत हूं, मैं स्वस्थ हूं।' कुछ ही दिनों में आपके अंदर से नकारात्मक सोच कम होने लगेगी और सकारात्मक सोच भरने लगेगी।

- सुदर्शन चौधरी

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