जाड़े में सौंदर्य की सुरक्षा

जाड़े में सौंदर्य की सुरक्षा

जाड़े का मौसम बड़ा खुशगवार और तंदुरूस्तीबख्श मौसम होता है। तो क्यों न सर्दी के इन दिनों में अपने सौंदर्य की देखरेख कुछ इस प्रकार करें कि ठंडी हवाएं आपकी त्वचा का लावण्य न चुरा सकें। सौंदर्य का मूल आधार आपका सामान्य स्वास्थ्य है। श्रृंगार के साथ यदि आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा तभी आपके चेहरे पर स्वाभाविक गुलाबी आभा रहेगी जो किसी भी सौंदर्य प्रसाधन के लिए पूरक होगी।

जाड़े मेें अधिक भूख लगने के कारण लोग खाना अधिक खा लेते हैं। परिणामस्वरूप शरीर पर चर्बी बढ़ जाती है जो आपके शरीर को बेडौल बना देती है, अत: इससे बचने के लिए अच्छे आहार के साथ-साथ नित्यप्रति थोड़ा व्यायाम भी करें। व्यायाम शरीर को संतुलित करता है। सुबह की ताजी हवा में सैर करना एवं दिन में कई गिलास पानी पीना आपके सौंदर्य के लिए बड़ा उपयोगी है।

वातावरण में तापमान की कमी एवं तेज ठंडी हवा के कारण त्वचा खुश्क हो जाती है। तापमान की कमी के कारण तेल ग्रंथियां भी संकुचित हो जाती हैं, जिसके परिणामस्वरूप उनसे निकलने वाला 'सीबम'(चिकना पदार्थ) त्वचा को पर्याप्त चिकनाई नहीं दे पाता है। इसलिए त्वचा कटने-फटने लगती है।

हमारी त्वचा के लिए ज्यादा सर्दी एवं ज्यादा गर्मी दोनों ही हानिकारक हैं। सर्दियों में लगातार लोग दिन भर धूप में बैठते या लेटते हैं जिससे त्वचा झुलसकर काली पड़ जाती है और त्वचा की स्वाभाविक नमी सूख सी जाती है। परिणामस्वरूप त्वचा पर झुर्रियां पड़ जाती हैं। ऐसे में त्वचा की नमी को बनाए रखना अति आवश्यक है।

इस परेशानी से बचने के लिए जाड़ा आरंभ होते ही, चेहरे के साथ-साथ शरीर के खुले हुए हिस्सों पर माश्चराइजर का प्रयोग करें। जब भी हाथ-मुंह धोएं, माश्चराइजर लगाना न भूलें। धूप में निकलने पर सनस्क्रीन लोशन या क्रीम का प्रयोग अवश्य करें।

उचित यही होगा कि आप साबुन का प्रयोग सर्दियों में बंद कर दें। अगर बहुत आवश्यक हो तो ग्लिसरीन या कोल्डक्रीम युक्त साबुन का ही प्रयोग करें। बेसन और दूध को समान मात्रा में मिलाकर उससे भी त्वचा की सफाई की जा सकती है अथवा इस कार्य के लिए कोई घरेलू उबटन भी सहायक सिद्ध हो सकता है। स्नान से कुछ समय पूर्व संपूर्ण शरीर पर नारियल अथवा जैतून के तेल (आलिव ऑयल) की मालिश करें जिससे त्वचा में चिकनाहट आएगी और रक्त संचार अच्छा रहेगा।

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हमारे होंठों की त्वचा के ऊतक (टिशू) बहुत ही संवेदनशील होते हैं। ये सर्दी से प्राय: नीले पड़ जाते हैं। कभी-कभी ये फटने भी लगते हैं। इससे बचने के लिए होंठों पर वैसलीन या पेट्रोलियम जैली का प्रयोग करें। होंठों पर बार-बार जीभ न फिराएं, न ही उन्हें दांतों से चबाने का प्रयत्न करें।

होंठों की रक्षा के लिए गुलाब के फूल की कुछ पंखुडिय़ों को कच्चे दूध में पीसकर कुछ बूंदें शहद की डालें। इसका प्रयोग 15 मिनट तक होंठों पर करने से आपके होंठ नाजुक बने रहेंगे। कटे-फटे होंठों के लिए आप जिंक ऑक्साइड का पेस्ट बनाकर उपयोग में ला सकती हैं।

खारिश, खुश्की से चेहरे या शरीर का कोई भाग जलने सा लगे तो चंदन पाउडर, कपूर और नारियल का तेल बराबर मात्रा में मिलाकर लेप करें। रात को सोने से पहले अपनी त्वचा की सफाई और पोषण (नरिशिंग) अपनी आदत में शुमार कर लें। इसके लिए आप अपनी त्वचा के अनुरूप किसी भी अच्छे क्लींजर और स्किन फूड (त्वचा पोषण) का उपयोग कर सकती हैं।

सर्दियों में हाथ-पैर की त्वचा पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है। किसी-किसी को तो इस मौसम में पैरों में बिवाइयां परेशान करने लगती हैं। इससे बचने के लिए सोने से पहले पैरों को साफ करें। उसके बाद पंद्रह-बीस मिनट के लिए गरम पानी में नमक डालकर उससे पैरों की सिंकाई करें। फिर खुरदरे तौलिए से पैरों को रगड़कर पोंछें और पेट्रोलियम जेली अथवा ग्लिसरीन को गुलाबजल में मिलाकर बिवाइयों पर मलें और सूती मोजे पहनकर सोएं।

सप्ताह में एक बार पैडिक्योर और मैनिक्योर अवश्य करें। भोजन में विटामिन, मक्खन, सलाद, हरी सब्जी का खूब प्रयोग करें। इससे त्वचा सूखी नहीं रहेगी। इसके साथ ही जरूरी होगा कि कब्ज से बची रहें। आवश्यकता होने पर इसबगोल की भूसी का प्रयोग किया जा सकता है।

तेज सर्द हवाओं से और तापमान की कमी के कारण त्वचा के साथ-साथ हमारे बाल भी प्रभावित होते हैं। इसलिए सर्दियों में बालों की तरफ से भी लापरवाही न बरतें। जब भी आप घर से बाहर निकलें, सिर पर स्कार्फ अवश्य बांधें। ऐसा करने से आपके बालों की स्वाभाविक नमी को ठंडी हवाएं नुकसान नहीं पहुंचा पाएंगी।

सप्ताह में एक दिन अथवा दो बार अपने बालों को किसी अच्छे शैंपू से साफ करें। शैंपू करने से पूर्व जैतून, नारियल या बादाम के तेल को कुनकुना करके रूई अथवा उंगलियों के पोरों की सहायता से बालों की जड़ों में अच्छी तरह से लगाएं और मालिश करें। इसके बाद तौलिए को गरम पानी में भिगो व निचोड़कर सिर के ऊपर दस-पंद्रह मिनट तक लपेटें। ऐसा करने से सिर के रोमछिद्र खुल जाएंगे और तेल आपके बालों की जड़ों तक जाकर नमी प्रदान करेगा जिससे बालों में स्वाभाविक चमक बनी रहेगी।

शैंपू के बाद कंडीशनर का प्रयोग करना भी अच्छा होता है। इससे सर्दी की वजह से बाल सूख कर दोमुंहे नहीं होंगे और रूसी होने का भी भय नहीं रहेगा।

विटामिन ए, ई और यीस्ट की गोलियों का प्रयोग बालों के लिए लाभदायक होगा। बालों में कई बार ब्रश करें। इससे तेल ग्रंथियां उत्तेजित होंगी, फलस्वरूप बालों की जड़ों में 'सीबमÓ का प्रवाह बना रहेगा।

- नरेंद्र देवांगन

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