साड़ी में फाल लगाना भी एक कला है

साड़ी में फाल लगाना भी एक कला है

फाल साड़ी की शान बढ़ाती है। यदि साड़ी में फाल न हो तो साड़ी की प्लीट्स बनाने में मजा ही नहीं आता। फाल सही रूप से न लगी हो, तब भी साड़ी बांधने का मजा खराब हो जाता है। साड़ी की शान फाल को उचित रूप से मैच कर लगाना चाहिये। फाल लगाना भी एक कला है इसके लिये कुछ विशेष बातें ध्यान में रखनी चाहिये।

- फॉल खरीदते समय साड़ी को साथ लेकर रोशनी के समय जायें। एक तह साड़ी के नीचे, फाल की एक तह लगाकर रंग मेल खाता हो तो ही खरीदें।

- प्रयास करें कि सूती फाल ही खरीदें। सूती फाल लगाने से पहले धो लें। यदि उसका रंग जाता हो तो प्रयोग में न लायें। बाद में फाल सिकुडऩे का खतरा भी कम हो जाता है।

- टेरीकाट का फाल रंग के लिहाज से ज्यादा अच्छा होता है परन्तु कपड़ा सख्त होने के कारण साड़ी में प्लीट्स डालने में अड़चन पैदा करता है।

- बिना धुली फाल लगाने से जब आप साड़ी धोते हैं तो साड़ी में सलवटें आ जाती हैं जो आपकी साड़ी की शान को कम कर देती हैं।

- जब भी फाल खरीदें, उसके टांकों की जांच कर लें कि कहीं टांके टूटने पर धागे लटक तो नहीं रहे हैं। यदि ऐसी फाल हो तो मत खरीदें। अन्य दुकान से जांच कर खरीदें।

- जब भी नई फाल भिगोएं, उसे अधिक समय तक पानी में न रहने दें। एक डेढ़ घंटे बाद चार तह में फाल को सुखायें। पूरी फाल खोलकर न धोएं। चार तह समेत उसे धोएं।

- थोड़ी गीली फाल पर अच्छी तरह प्रेस कर लें जिससे साड़ी में फाल टांकने में कुछ मुश्किल न हो।

- साड़ी के दोनों किनारों पर भी सिलाई करें या पीको करवा लें नहीं तो धागे निकलते रहेंगे।

- साड़ी की फाल शुरू करते समय साड़ी को 9-10 इंच छोड़ कर फाल लगाना प्रारंभ करें। फाल की लंबाई पूरी साड़ी के अनुसार नहीं होती।

- फाल लगाते समय धागे के रंग पर भी पूरा ध्यान दें। यह भी देख लें कि धागा कच्चा न हो। कोशिश करें पॉलिस्टर के धागे का प्रयोग करें।

- फाल हमेशा पतली सुई से लगाएं नहीं तो सिंथेटिक साडिय़ों में मोटी सुई से लगी फाल ठीक नहीं लगेगी।

- फाल टांकते समय टांके महीन महीन लें। दूर-दूर टांके लेने से इसके धागे आपके पैर, नाखून और चप्पल के डिज़ाइन में अड़ कर फाल साड़ी से अलग करने में सहायक हो सकते हैं। सूती साड़ी में तो नीचे के हिस्से में मशीन से भी फाल सिल सकते हैं। ऊपर की तरफ बारीक तुरपाई करें। ऊपर की तरफ फाल लगाते समय ध्यान दें कि साड़ी के नीचे कुछ सख्त आधार की चीज जैसे गत्ता, टे्र की पिछली तरफ आदि का प्रयोग कर सकते हैं। इससे फाल सीधी और जल्दी लगेगी और साड़ी में गुंजल नहीं पड़ेंगे।

- जब फाल लगाते समय धागा खत्म हो जाये तो उसे कैंची से काटें। हाथ से खींचकर न तोड़ें। गांठ छोटे आकार की लगाएं।

- थोड़े गैप में फाल न लगाएं। ऐसा समय ढूंढ कर बैठें जब एक घंटा आप खाली हों। एक ही बार में पूरी फाल लगाएं।

- ऊपर की तरफ तुरपाई करते समय इकहरा धागा प्रयोग में लायें। नीचे की तरफ दोहरा धागा लें। धागा अधिक लंबा न लें क्योंकि वह उलझ सकता है।

- नीतू गुप्ता

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