घरेलू अव्यवस्थाएं कहीं दुघर्टना का कारण न बन जायें

घरेलू अव्यवस्थाएं कहीं दुघर्टना का कारण न बन जायें

प्राय: आमतौर पर गृहणियां खराब पड़े इलेक्ट्रिकल सामान से लेकर, टपकते नल तक स्वयं मैकेनिक बुलाकर ठीक करवाने की बजाय उसे घर के पुरूषों से कराये जाने योग्य काम समझती हैं। जब तक घर का मुखिया खराब पड़े सामान को ठीक नहीं करवाता, तब तक गृहणियां उसे नजरअंदाज करके, किसी तरह अपना काम उनके बगैर चलाना श्रेयस्कर समझती हैं। धीरे-धीरे घर में रोजमर्रा के काम आने वाली वस्तुएं, रिपेयरिंग के अभाव में खराब व अव्यवस्थित दशा में पड़ी रहती हैं। घरवाले भी इन असुविधाओं को सहने के आदी हो जाते हैं।

इसके अलावा कई गृहणियों की प्रवृत्ति होती है कि वे घरेलू उपकरणों को ठीक कराने के बजाय, नये मॉडल का सामान खरीदना ज्यादा बेहतर समझती हैं जिसके परिणामस्वरूप पुराने प्रेशर कुकर, मिक्सी, ओवन, वाशिंग मशीन, हीटर, पंखे, कूलर, वाल क्लाक, गैसस्टोव, गीजर, बगैरा घर के एक कोने में उपेक्षित पड़े रहते हैं। इमरजेंसी में जब इन उपकरणों का प्रयोग किया जाता है तो अक्सर छोटी-मोटी दुर्घटनाएं घट जाती हैं।

इसी तरह फिसलन भरे बाथरूम, बिना रेलिंग की छत और सीढ़ी, टूटी-फूटी चौखट, जंग लगे या बेकार हो चुके इलेक्ट्रिक वायर, बेढब दरवाजे, गैस लीक करने वाले गैस स्टोव, हरदम बहते रहने वाले नल आदि की तरफ लापरवाही बरतने से प्राय: दुर्घटनाएं होने घटने की संभावना बनी रहती है।

कई बार परिचित या रिश्तेदार इस ओर संबंधित परिवार वालों का ध्यान आकर्षित करते भी हैं तो घर के बड़े सदस्य, दूसरे सदस्यों की गैर जिम्मेदारी और अपने समय की कमी का हवाला देकर अपना दामन छुड़ा लेते हैं।

फलत: ऐसे माहौल में पले-बढ़े बच्चे भी ऐसी छोटे-मोटे घरेलू दिक्कतों को दूर करने के बजाय उन्हें सहने के आदी हो जाते हैं लेकिन घर में कोई बड़ा नुकसान हो जाये, उससे पहले ही गृहणियों को घर में स्थित खराब उपकरणों और अन्य दुर्घटनाएं घटने वाले कारकों को सुधरवा लेने की पहल करनी चाहिए।

फुर्सत के क्षणों को व्यर्थ न गंवाकर, घर में पड़ी वस्तुओं की उपयोगिता और उनकी स्थिति का निरीक्षण कर लेना चाहिए। खराब हो चुके उपकरण यदि सुधरवाये जा सकते हों तो एक के बाद एक उन्हें सुधरवा लें ताकि वे आगे चलकर ज्यादा खराब व जोखिमपूर्ण न हो जायें।

इसके अलावा प्रत्येक वस्तु को अपने निर्धारित स्थान पर रखने की आदत घर के सभी सदस्यों में होनी चाहिए ताकि जरूरत पडऩे पर उनकी तलाश में व्यर्थ फटकना न पड़े। प्राय: घरों में सिलाई-किट में सुई, धागा रखने की बजाय महिलाएं उन्हें यहां-वहां रख देती हैं जिससे जरूरत के वक्त उन्हें कैंची, सुई, धागा, बटन वगैरा मिलने में परेशानी होती है।

इसी तरह मेडिकल-किट बनाकर यदि उसमें जरूरी दवाइयां, रुई, डिटॉल, एंटीसेप्टिक क्रीम, बैंड एड् वगैरा रखे जा सकते हैं।

टूलबॉक्स में यदि हथौड़ी, कील, पेचकस, स्क्रूड्राइवर, आदि सलीके से रखे जाये तो जरूरत के समय दूसरों से मांगने की नौबत नहीं आती।

जरूरी पुस्तकें, अखबार की कटिग्ंस की फाइल्स, पानी-बिजली के बिल की फाइल, बच्चों की शैक्षणिक योग्यताओं के प्रमाणपत्र, प्रगति पत्र, राशन कार्ड, परिचय पत्र, टेलीफोन डायरी व मैसेज कॉपी-पैन आदि निर्धारित स्थान पर रखें।

कुछ समय बाद आप स्वयं महसूस करेंगी कि सभी चीजें सुचारू ढंग से काम आने के फलस्वरूप आप के घर में व्यर्थ का तनाव, खीज, लड़ाई और मनमुटाव होना बंद हो गया है।

समय पर जरूरी चीजें भी निर्धारित स्थान पर मिलने से सभी पारिवारिक सदस्य प्रसन्न व निश्ंिचत रहेंगे।

- पूर्णिमा मित्र

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