अपने जीवनसाथी को अपना बना कर रखें

अपने जीवनसाथी को अपना बना कर रखें

पति पत्नी का रिश्ता बहुत अनमोल और प्यारा होता है। आज के आधुनिक युग में इस रिश्ते को निभाना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है क्योंकि आधुनिक महिलाएं अपने को पुरूषों से कहीं भी कम नहीं समझती।

भारत पुरूष प्रधान देश के नाते पुरूष कितने भी आधुनिक क्यों न हों पर स्त्रियों से वे मान सम्मान की अपेक्षा रखते हैं। अगर आप अपने जीवन साथी से परेशान हैं तो फौरन कुछ कदम उठायें और इस नाजुक रिश्ते की डोर को अपने हाथों से न फिसलने दें।

बस आवश्यकता है आत्मनिरीक्षण की। फिर देखिए अपनी गलतियों को सुधार कर आप अपने साथी को प्यार के जादू में फिर से गोते खाने को मजबूर कर सकते हैं। अपने साथी की बात को सुनने का प्रयास करें।

अपनी ही बात को लेकर साथी पर हावी न हों। ऐसा भी न हो कि आप चुपचाप सुनते रहें। अधिक बोलने का अवसर साथी को दें ताकि वह अपने मन का गुबार निकाल कर हल्का महसूस करें। अपने साथी की छोटी छोटी बातों को भूलना सीखें। बार-बार टोकाटाकी से जीवन में जहर के अलावा कुछ नहीं घुलता।

छोटी मोटी गलतियों को नजरअंदाज कर अपने साथी के प्यार को हासिल करें। अपने साथी के परिवार के सदस्यों को प्यार और इज्जत दें। कोई भी साथी अपने परिवार के सदस्यों की बेइज्ज़ती नहीं चाहता।

आपसी रिश्तों में मजबूती लाने के लिए उनके परिवार वालों के लिए भी कुछ करें। परिवार के सदस्यों को प्यार और इज्ज़त देने से आपके साथी का आपके प्रति नजरिया अधिक प्यार भरा हो जायेगा। विश्वास करिए साथी आपका गुलाम हो जाएगा।

- अपने साथी से किसी विषय पर चर्चा करने से न शर्माएं पर ध्यान रखें कि बहस में न पड़ें। कभी-कभी साथी के साथ काल्पनिक मुद्दों को लेकर बात करें ताकि आप उनके विचारों को जान सकें और उनकी सोच उस विषय पर कैसी है, यह भी आपको पता चल जाएगा।

- अपने साथी को हर संभव कोशिश करते हुए अपने साथ रखें। उनका मुस्कुरा कर स्वागत करें और आंखों से उनके पास होने का अहसास कराएं। विश्वास कीजिए वे भी फुर्सत मिलते ही आपके पास आ जाएंगे।

- जो मुद्दे आप दोनों से जुड़े हों या परिवार से जुड़े हों, उनका निर्णय मिलकर लें। पतियों को भी चाहिए कि अधिकतर फैसलों में आपकी राय लेना न भूलें। पति आपसे राय लेने में अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न न बनाएं। एक दूसरे पर अनावश्यक निर्णय न थोपें।

- परिवार की छोटी-छोटी बात को बाहर दूसरों तक न ले जायें। शान्ति से उस पर विचार करें। यदि लगता है आप दोनों उस समस्या का हल नहीं ढूंढ पा रहे हैं तो अपने किसी विश्वासी मित्र या संबंधी से बात करें। ध्यान रखें मित्र या संबंधी मज़ाक उड़ाने वाला न हो बल्कि दिल से आप की मदद करने वाला हो।

- अपने जीवनसाथी से सेक्स के विषय पर खुलकर बातचीत करें, शर्माएं नहीं। किसी विषय पर पूरी जानकारी न हो तो डॉक्टर से मिल कर अपनी शंका का समाधान करें क्योंकि विवाहोपरान्त सेक्स सुखी दांपत्य का मूल आधार है।

- विवाह हो गया है, अब किसके लिए तैयार होकर रहें ? ऐसी विचारधारा मन से निकाल दें। अपने साथी को आकर्षक देखना हर किसी को अच्छा लगता है। अपने हाव भावों से भी अपने साथी को आकर्षित कर सकते हैं।

- कभी-कभी चहकना भी साथी को अच्छा लगता है। आधुनिक सोच वाले जीवन साथी के साथ कुछ आधुनिक बनने का प्रयास करें पर ध्यान रखें कि इतने आधुनिक न हो जाएं कि अपनी संस्कृति और परंपराओं को ही भूल जायें।

-नीतू गुप्ता

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