एडिय़ां फटी हों तो.....

एडिय़ां फटी हों तो.....

अक्सर महिलाएं अपने चेहरे, हाथों व उंगलियों पर ध्यान देती हैं पर पैर और एडिय़ों को नजर अंदाज करती हैं। उन्हें लगता है कि सबकी निगाहें चेहरे पर जाती हैं। पांव पर कौन ध्यान देता है, विशेषकर एडिय़ों पर। एडिय़ां तो पीछे की ओर होती हैं। उनकी यह सोच गलत है। पैर और एडिय़ां भी शरीर के उतने महत्त्वपूर्ण अंग हैं जितने कि चेहरा, हाथ आदि।

कुछ लोगों की एडिय़ां फटने की बीमारी वंशानुगत होती है और कुछ लोग नंगे पांव रहते हैं या सही चप्पल का चुनाव नहीं कर पाते। उससे भी उनकी एडिय़ां फट जाती हैं। सावधानी बरतने पर हम इस समस्या से निजात पा सकते हैं।

-मोटापे पर नियंत्रण करके भी एडिय़ों को फटने से बचाया जा सकता है। वैसे तो सबके शरीर का भार पैरों और एडिय़ों पर रहता है पर जिन लोगों का वजऩ अधिक होता है, उनके पांव को अधिक वजन उठाना पड़ता है जिससे फ्लैट चप्पल और फ्लैट हो जाती है और एडिय़ों में दर्द भी होती हैं और फट भी जाती हैं।

-जिन लोगों की त्वचा अधिक खुश्क होती है उन लोगों की त्वचा क्रेकी हो जाती है, विशेषकर पांव की एडिय़ों की त्वचा सख्त होने के कारण फट जाती है। अपनी त्वचा को नर्म और मुलायम रखें ताकि त्वचा फटे नहीं। अपने पांवों को गुनगुने पानी में धोकर उसकी मृत त्वचा को हटाएं और क्रीम या तेल लगा कर मसाज करें। पैरों की त्वचा मुलायम बनी रहेगी।

-इसके अतिरिक्त गुनगुने पानी में खाने वाला थोड़ा सा सोडा मिलाएं। अपने पांव 1० मिनट तक उस पानी में रखें, फिर रगड़ कर सुखाएं और क्रीम लगाएं।

-फटे भाग पर दिन में दो या तीन बार चिकनाईयुक्त क्रीम लगाएं।

-विटामिन ए से भरपूर भोज्य पदार्थों का सेवन करें जैसे दूध, गाजर का सेवन नियमित करें।

-अगर फटी एडिय़ों में से खून आने लगे तो चर्म रोग विशेषज्ञ से सम्पर्क करें।

- मेघा गाबा

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