जरूरी है हाथ पैरों की देखभाल

जरूरी है हाथ पैरों की देखभाल

महिलाओं को सौंदर्य के मामले में मुख्यत: चेहरे की चिंता रहती है। हाथ पैर भी सुंदर हों, इस ओर ध्यान कम रहता है। फलस्वरूप अक्सर हाथ-पैरों की उपेक्षा करने वाली औरतों को दूसरी औरतों के सामने शर्मिंदा होना पड़ता है। हमारे पैर सर्वाधिक उपेक्षा का शिकार होते हैं। असल में भारत और तमाम अन्य एशियाई देशों में पैर कपड़ों से ढके रहते हैं इसलिए सौंदर्य के मामले में पैरों की देखभाल की हम एशियाइयों को आदत नहीं है।

स्वास्थ्य के मामले में भी पैरों की काफी उपेक्षा होती है। हम यह तो जानते हैं कि मोर को अपने बदसूरत पैरों पर दुख होता है परंतु अपने पैरों की हालत को भुला देते हैं। पश्चिमी देशों में जहां कपड़ों की मात्रा शरीर पर कम होती है, चेहरे के साथ हाथ पैरों का भी बराबर ध्यान रखा जाता है।

थोड़ी देखभाल से पांवों को भी स्वस्थ व सुंदर बनाया जा सकता है। बस जरूरत इच्छा शक्ति की है।

- तलवों और एडिय़ों की त्वचा काफी मोटी होने के कारण शरीर में बनने वाली प्राकृतिक चिकनाई इन्हें नर्म नहीं रख पाती। इन्हें मुलायम बनाने हेतु बाहर से चिकनाई लगानी चाहिए। रात को गुनगुने पानी में नींबू निचोड़ कर रूई की सहायता से पैरों को अच्छी तरह साफ कर सुखा लें। फिर इन पर जैतून का तेल या ग्लिसरीन लगाएं।

- ग्लिसरीन, गुलाब जल और नींबू के रस के मिश्रण की नियमित मालिश से पैर मुलायम रहते हैं।

- पैर रूखे-रूखे से, बेरौनक और बेजान लगते हों तो गुनगुने पानी में जैतून या सरसों का तेल और मामूली सा नमक डालकर पैर कुछ देर उस पानी में रखें। फिर पांव बाहर निकाल कर नर्म तौलिए से दबा-दबा कर पोंछकर सुखाएं। इन पर सूखने के बाद दूध की मलाई की आहिस्ता-आहिस्ता मालिश करें।

- धूल, मिट्टी, कीचड़ और गंदगी से पांव को बचाना आवश्यक है। मोजे और जूतों का अत्यधिक प्रयोग पांवों पर विपरीत असर डालता है। जिस प्रकार हम दिन में अनेक बार हाथ धोते हैं उसी प्रकार पैर भी कम से कम प्रतिदिन 4 बार धोएं और कभी भी रात को पैर धोए बिना बिस्तर में न जाएं।

यदि पैर स्वस्थ व सुंदर हों तो भी उनकी फिक्र करें और बिस्तर में जाने से पूर्व पैर कीटाणुनाशक साबुन या नींबू का रस मिले पानी से अच्छी तरह धोएं और सूखने पर कोई अच्छी चिकनाई जरूर लगाएं।

नियमित देखभाल से सुंदर-स्वस्थ पैरों की सेहत व सुंदरता बरकरार रहेगी तो बदसूरत और अस्वस्थ पैरों की हालत सुधरती जाएगी।

- चेहरे के बाद सुंदरता के परिप्रेक्ष्य में महिलाओं का ध्यान दूसरे नम्बर पर हाथों पर जाता है क्योंकि हाथ ही चेहरे के बाद नजर में आते हैं। साफ-सफाई पर तो महिलाएं काफी ध्यान रखती हैं परन्तु हाथों को उसके अतिरिक्त पर्याप्त पोषण की भी जरूरत होती है जिसमें महिलाएं कंजूसी बरतती हैं।

हाथों से चूंकि साफ-सफाई, सब्जी काटने, किसी चीज को पकडऩे छूने जैसे तमाम काम करने पड़ते हैं और फिर बार-बार हाथ धोने पोंछने पड़ते हैं इससे हाथों की सेहत और खूबसूरती पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

ऐसे में इन्हें सही देखभाल और भरपूर पोषण की जरूरत होती है। जब आपको कपड़े धोने हों तो पांच मिनट हाथ सादे पानी में भिगो कर रखें ताकि हाथ की त्वचा सादा पानी पी ले। यदि डिटरजेंट/साबुन युक्त पानी त्वचा पीती है तो हाथों को नुकसान पहुंचता हैं। कपड़े धोने के बाद सादे पानी से हाथ ठीक से धोकर दूध की मलाई, मक्खन, देशी घी, सरसों का तेल या ग्लिसरीन आदि कोई भी चिकनाई अच्छी तरह हाथों पर मलें।

- त्वचा की दरारों में भरी गंदगी बाहर निकालने के लिए आटे या बेसन में हल्दी-तेल मिलाकर उबटन करें।

- कच्चा आलू कुचलकर हाथों पर मलने से चमक और स्निग्धता बनी रहती है।

- नाखूनों में जमा मैल कीटाणु और बीमारियों को जन्म देता है इसलिए नाखून छोटे और हमेशा साफ रखें।

- रात को बिस्तर में जाने से पूर्व हाथों को साबुन या नींबू के रस से ठीक से साफ कर दूध की मलाई या कोल्ड क्रीम की मालिश कर लें।

- रात को नींबू का रस और चीनी हाथों में तब तक रगड़ें जब तक चीनी घुल न जाए। इसकी मालिश से खुदरेपन और सिकुडऩ से छुटकारा मिलता है।

- रोजाना एक बार हाथों में तेल की मालिश या बेसन-तेल-हल्दी का उबटन करने से हाथ मुलायम और सुंदर बने रहते हैं।

- ए. पी. भारती

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