सिर्फ पैसा ही नहीं देखती हैं लड़कियां

सिर्फ पैसा ही नहीं देखती हैं लड़कियां

बहुत से लड़कों की यह राय होती है कि लड़कियां केवल धनवान व सुन्दर युवक को ही अपना जीवनसाथी बनाना चाहती हैं। उन्हें तो कारों में घूमने तथा दुनिया भर की सैर करने का शौक होता है, इसलिए वह ऐसे ही युवकों को अपना जीवनसाथी बनाती हैं जो उनके इन अरमानों की पूर्ति कर सकते हैं। इसी तरह की सोच रखने वाले विकास का कहना है कि लड़कियों को मेहनती तथा शिक्षित लड़कों से कोई सरोकार नहीं होता। उन्हें तो सिर्फ कोठी बंगलों के मालिक ही ज्यादा पसंद हैं। दूसरी तरफ लड़कियों का कहना है कि उन्हें धनवान या गरीब से कोई सरोकार नहीं होता। उन्हें तो ऐसा जीवनसाथी चाहिए जो उनकी भावनाओं को समझे और उन्हें सुखी रख सके। विभा का कहना है कि 'उन्हें एक ऐसे राजकुमार की तलाश है जो भले ही धनवान न हो लेकिन उसमें आत्मविश्वास होना चाहिए। उस लड़के में इतनी शक्ति होनी चाहिए कि वह विपरीत परिस्थितियों में भी अपने आप को असहाय न महसूस करे। हर परेशानी का सामना करके भी वह सामान्य रहे।' इस तरह की सोच बहुत सी लड़कियों में होती है और शायद ऐसा सोचना गलत भी नहीं हैं। कविता का कहना है कि उन्हें एक ऐसे जीवन साथी की तलाश है जो उन्हें खुश रख सके। खुशी से मतलब आत्मिक खुशी से है न कि पैसे से। पैसे के बल पर खुशियां खरीदी नहीं जा सकती। वह उसके सुख दुख में पूरा साथ दे और उसकी परेशानियों को ध्यानपूर्वक सुन सके। हर परिस्थिति में उसे सहयोग दे। पूर्णिमा गुप्ता का मानना है कि मुझे एक ऐसा जीवन साथी चाहिए जो मेरे माता पिता को भरपूर सम्मान दे। वह परिवार वालों की कमियां जरूर बताए लेकिन उन्हें जगजाहिर न करे, साथ ही मुझे प्यार करने वाला हो, मेरी भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने वाला न हो। सीमा गुप्ता का कहना है कि शादी गुड्डे-गुडिय़ों का खेल नहीं है कि जिस गुड्डे को चाहा, जीवन साथी बना लिया। शादी एक अटूट बंधन है जिसे तोड़ा नहीं जा सकता, इसलिए मैं एक समझदार तथा शिक्षित युवक को ही अपना जीवनसाथी बनाना चाहूंगी। साथ ही यह भी चाहूंगी कि मेरा जीवनसाथी नैनों की भाषा समझ सके। मेरा चेहरा देखकर ही वह मेरी परेशानियां जान सके। इसी तरह की सोच बहुत सी लड़कियां रखती हैं। हर लड़की का सपना होता है कि उसका पति उसे बच्चों की तरह प्यार करे और उसे खुश रख सके। पैसा खुशियों की गारंटी नहीं होता। माना कि एक युवक के पास धन दौलत बेशुमार है लेकिन वह चरित्र का धनी नहीं है तो ऐसे जीवनसाथी के साथ लड़की कैसे खुश रह सकती है। कम से कम एक पुरूष में इतने गुण अवश्य होने चाहिए कि वह बेटे व पति होने का फर्ज बखूबी निभा सके। एक पुरूष को कान का कच्चा नहीं होना चाहिए क्योंकि ऐसे में वह अपनी पत्नी पर विश्वास नहीं कर पाता और विश्वास से ही दांपत्य जीवन की गाड़ी चलती है। इसलिए लड़कियां सिर्फ पैसा नहीं बल्कि उपरोक्त गुण लड़कों में चाहती हैं।

- ललिता रोहिला

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