जब प्यार हो जाए तो...

जब प्यार हो जाए तो...

प्यार करना कोई गुनाह नहीं। जरूर कीजिए। यह तो एक सुखद अहसास है, रिश्ता है जिसमें हर इंसान डूबना चाहता है। जिएंगे तो साथ, मरेंगे तो साथ, ऐसी कसमें खाकर उसे जीवनभर निभाने के वादे लड़के-लड़कियां कर तो लेते हैं पर प्रेम में परवान चढ़ते-चढ़ते जब हकीकत से सामना होता है और सामने वाले की सच्चाई मालूम पड़ती है तो सारे सपने कदमों तले टूटकर बिखर जाते हैं।

कुछ दिनों का इश्क जीवनभर के अश्क में बदल जाता है। ऐसा होना स्वाभाविक भी है क्योंकि जब कोई किसी से सच्चा प्यार करता है तो वह कभी यह जानने की कोशिश नहीं करता कि वह जिसके प्यार में बीमार है, वह उसके बारे में क्या सोचता है। वह वफादार है या नहीं, उसकी आने वाले भविष्य के लिए क्या योजनाएं एवं संभावनाएं हैं, इनके बारे में न जानने का ही नतीजा होता है मोहब्बत में बेवफाई। हालांकि सभी के साथ ऐसा नहीं होता कि प्यार करने वाला धोखा दे पर कोई जानबूझकर कुएं में क्यों कूदे।

आशिकों की गाड़ी जब प्यार के प्लेटफार्म से गुजरकर शादी के स्टेशन पर रूकती है तो बिना टिकट के यात्री की तरह इनकी सच्चाई भी सामने आने लगती है। ऐसे में समझदार मां-बाप केवल प्यार के नाम पर ही अपने बेटे/बेटी की शादी उस लड़के या लड़की से करने को कभी तैयार नहीं होते जो केवल प्यार करता है, कुछ काम नहीं।

भले ही आज आप प्यार का कितना भी दम भरिए पर वर्तमान समय में प्यार से न आटा आता है, न जेवर, न मकान और न ही रिश्तेदार।

दबाव के कारण यदि शादी हो भी जाए तो लोग कुछ दिनों तक ही मदद करते हैं और बाद में तो दोस्त भी कन्नी काट लेते हैं। ऐसा होने पर विवाह भी असफल हो जाता है और छोटी सी गलती नासूर बनकर जीवनभर दर्द का अनुभव कराती है।

कहने का मतलब यही है कि जिस प्रकार पैसा कमाने के लिए शिक्षा, अनुभव एवं सीखना आवश्यक है, उसी प्रकार प्रेम को जीवनपर्यन्त प्रेम जैसा निश्छल एवं पवित्र बनाए रखने के लिए जरूरी है कि हम इसके बारे में देख लें, परख लें तथा हो सके तो धोखा खाने से बचने का प्रयास करें।

यूं तो चोट देने वाला, परखने के बाद भी चोट दे सकता है पर फिर भी थोड़ी जांच-पड़ताल बहुत आवश्यक है। आपने देखा भी होगा कि कोई आपको प्यार तो बहुत करता है पर कह नहीं पाता या फिर कोई हमेशा ही जताता रहता है। ऐसी स्थिति में कभी-कभी आप बड़ी उलझन में घिर जाते हैं। इनसे बचने और जब प्यार हो जाए तो उसे परखने के कुछ सामान्य लेकिन महत्त्वपूर्ण उपायों को आजमा कर देखिए:-

- अगर सामने वाला आपको चाहता है और आपकी खातिर कुछ भी करने को तैयार है लेकिन इस बात को अहसान बताकर बार-बार जताता रहता है तो मान लेना चाहिए कि वह आपको प्यार नहीं करता बल्कि अपने अहसानों के बोझ तले दबाना चाहता है।

- यदि आपका प्रेमी/प्रेमिका आपके सामने ही आपके दोस्त या सहेलियों को लुभाने की कोशिश करे और आगे भी यही व्यवहार रखे तो बताने की जरूरत नहीं है कि पीठ पीछे क्या होगा। ऐसे व्यक्ति को प्रेमी तो क्या, दोस्त भी नहीं बनाना चाहिए।

- प्यार में उपहारों का बड़ा गहरा रिश्ता होता है। आपको कोई अगर ऐसा तोहफा दे जो आपके बहुत काम का हो तो यह समझना चाहिए कि वह आपका अधिक ख्याल रखता है। स्वयं से अधिक आपके बारे में सोचता है। इस प्रकृति का इंसान आपके लिये बेहतर साबित हो सकता है।

- आपको पसंद करने, आपकी बातों का बिना जाने समर्थन करे चाहे वह गलत हो या सही तो यह समझना चाहिए कि उसका मकसद केवल आपको खुश रखकर आपको पाना है और वह जानबूझ कर आपकी गलतियों को छिपा रहा है। ऐसे इंसान भविष्य में कभी भी बदल सकते हैं।

- यदि आपको चाहने वाला आपकी उन कामों में भी सहायता करे जो उसकी हद के बाहर हैं तो यह अनुमान होता है कि वह आपका दीवाना है और हमेशा आपके काम आना चाहता है। इस तरह के चरित्र वालों के साथ रिश्ते मजबूत होते हैं।

- अगर प्यार करने वाला आपका जन्मदिन ही भूल जाए पर प्यार का दम भरे तो समझिए वह आपके बारे में कम सोचता है।

- यदि कोई आपसे लम्बे समय तक प्यार करता रहे, मिलता रहे पर शादी की बात बिना ठोस कारण के हर बार टालता रहे तो यह निश्चित है कि वह आपको 'टाइम पासÓ बना कर उल्लू बना रहा है। ऐसा इंसान आपसे शादी नहीं करेगा। इस स्थिति में तुरंत कोई फैसला लेना चाहिए।

- विवाह से पूर्व ही साथी अगर कोई अनुचित व्यवहार या मांग करता है और तरह-तरह के प्रलोभन देकर केवल अपनी ही बात मनवाना चाहता है तो आप स्वयं निर्णय कीजिए कि ऐसा इंसान आपके साथ कितनी वफादारी निभाएगा।

- आपसे प्यार करने वाला क्या करता है और क्या नहीं, यह भी पूछिए। अगर बेरोजगार है तो कब तथा क्या करना चाहता है, इसी के आधार पर प्रेम या विवाह का निर्णय लीजिए। ऐसा न देखने पर आगे पछताना पड़ सकता है।

- यदि प्रेमी/प्रेमिका आपके अलावा पूरे परिवार को भी उचित मान-सम्मान दे तथा अच्छा व्यवहार करे एवं मुसीबत में सदस्य की तरह ही काम आए तो मान लीजिए कि ऐसा व्यक्ति प्रेम और विवाह करने लायक है।

इन बिंदुओं के आधार पर आप कम से कम यह नतीजा तो निकाल ही सकते हैं कि जिससे प्यार कर रहे हैं, वह क्या है तथा क्या कर सकता है।

इसलिए प्यार कीजिए पर जब प्यार हो तो समय और बुद्धि की कसौटी पर परख भी लीजिए।

- अजय विकल्प

Share it
Top