महिलाओं में बढ़ता धूम्रपान: कारण एवं निदान

महिलाओं में बढ़ता धूम्रपान: कारण एवं निदान

पिछले कुछ वर्षो से महिलाओं में धूम्रपान की समस्या बढ़ती जा रही है। इसका कारण पश्चिमी देशों का अंधानुकरण और मानसिक तनाव है। सिनेमा और टी.वी. सीरियलों में महिलाओं को धूम्रपान करते हुए दिखाए जाने से भी हजारों युवतियों ने स्मोकिंग प्रारंभ कर की है।

30 से 50 वर्ष उम्र तक कामकाजी महिलाओं का धूम्रपान प्रारंभ करने का मूल कारण मानसिक तनाव (टेंशन) है। आजकल की तेज तर्रार जिंदगी में कामकाजी महिलाएं तमाम कारणों से तनावग्रस्त रहती हैं और तनाव से मुक्त होने के लिए इस धीमे जहर को अपना लेती हैं और फिर धूम्रपान की लती हो जाती हैं।

यह ऐसी लत है कि एक बार पड़ जाये तो फिर छोडऩा आसान नहीं होता।

धूम्रपान की लत के कारण पूरे परिवार का माहौल प्रदूषित हो सकता है। चूंकि महिलाएं (माताएं) अपने बच्चों की प्रेरणास्रोत होती हैं अत: यदि माता को धूम्रपान की आदत है तो उसकी संतान शीघ्र ही इस लत की शिकार हो जाती है।

वैज्ञानिक आधार पर धूम्रपान के कारण तमाम भयंकर रोग हो सकते हैं। विभिन्न प्रकार के कैंसर, हृदयरोग, रक्तचाप, रक्तअल्पता, तपेदिक, निमोनिया, दमा आदि धूम्रपान से होने वाले प्रमुख रोग हैं। गर्भवती महिला यदि धूम्रपान करती हो तो उसके होने वाले बच्चे पर इसका सीधा प्रभाव पड़ता है और शिशु जन्म से ही विभिन्न रोगों का शिकार हो जाता है।

सिगरेट के धुएं में 24 विभिन्न प्रकार के ऐसे विष पाये जाते हैं जो स्वास्थ्य और सौंदर्य को नष्ट करते हैं। इनमें सबसे दुष्प्रभावशाली विष निकोटीन है। इसके प्रभाव से कोमल त्वचा सख्त पड़ जाती है, चेहरे पर झुर्रियां पड़ जाती हैं, आंखें अंदर की ओर धंस जाती हैं और होंठों की लाली नष्ट हो जाती है।

धूम्रपान के विषय में यहां तक कहा गया है कि एक सिगरेट के सेवन से व्यक्ति के जीवन के पांच मिनट तक कम हो जाते हैं।

निदान - धूम्रपान ऐसी लत है जो पूरे समाज के लिए खतरा उत्पन्न कर देती है। इस लत को शीघ्र अति शीघ्र छोड़ देना ही उचित है।

धूम्रपान को छोडऩे के लिए आप आत्मशक्ति जगाएं और दृढ़ इच्छाशक्ति विकसित करें। अपने मन को धूम्रपान करने के लिए बहाने न खोजने दें। ललक से बचने के लिए मुंह में लौंग, इलायची, पिपरमेन्ट आदि रखें और शराब, चाय, कॉफी, गुटका आदि से बचें। हमेशा व्यस्त रहने की कोशिश करें और बेकार न बैठें। साथ ही धूम्रपान के दुष्प्रभावों को सदैव याद रखें।

इसके अतिरिक्त ऐसी दवाइयां भी उपलब्ध हैं जिनके सेवन से धूम्रपान करने की इच्छा ही नहीं होती।

- अर्पित जैन कण्डेलिया

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