कामकाजी महिलाएं - पहनें कैसे गहनें

कामकाजी महिलाएं - पहनें कैसे गहनें

चाहे आप विवाहित हैं या अविवाहित, नौकरी के साथ अधिक गहने पहनना उचित नहीं लगता। गहने इस प्रकार केे पहनें जो आपके व्यक्तित्व को चार चांद लगाएं न कि आपके व्यक्तित्व का महत्त्वपूर्ण अंश बन जायें।
कामकाजी महिलाओं को हल्के फुल्के गहनों का प्रयोग करना चाहिए क्योंकि उनकी दिनचर्या में भागादौड़ी बहुत अधिक हो जाती है और प्राय: कार्यरत महिलाओं को लोकल बसों या लोकल ट्रेन में सफर करना होता है और बस स्टॉप से या स्टेशन से अकेले पैदल चल कर अपने लक्ष्य तक पहुंचना होता है। ऐसे में कुछ भी हो सकता है, इसलिए ऐसे गहनों का उपयोग किया जाना चाहिए जो अपनी जान और माल दोनों के लिये खतरनाक न हों।

कुंवारी लड़कियों को नौकरी के साथ हल्के फुल्के सोने चांदी के आभूषणों का प्रयोग करना चाहिए। वैसे तो आजकल अच्छे स्तर के नकली आभूषण सोने जैसी चमक लिए बाजार में सुन्दर डिजाइनों में उपलब्ध हैं जो आम लोगों की पहुंच में हैं। उनका प्रयोग किया जा सकता है।
किसी की त्वचा को नकली आभूषणों से एलर्जी है तो उन लोगों को इन्हें प्रयोग नहीं करना चाहिए। कुंवारी कन्याएं गले में पतली सी सोने या चांदी की चेन पहन सकती हैं। कानों में छोटे-छोटे टॉप्स जो कानों के साथ लगे रहते हैं, छोटी बालियां या छोटे-छोटे हैंगिंग्स (लटकने वाले) पहने जा सकते हैं। कुंवारी लड़कियों को कंगन या चूडिय़ां बांहों में पहनकर नहीं जाना चाहिए। शादी विवाह और पार्टियों में जाते समय चाहें तो पहन कर जा सकते हैं।
कार्यालय जाते समय कपड़ों से मेल खाती लाख की चूडिय़ां, मोतियों के ब्रेसलेट या कांच की चूडिय़ों का प्रयोग किया जा सकता है। बीच-बीच में वैरायटी के लिए आप गले में मोतियों की माला या रंग बिरंगे धागों में डले हुए छोटे पेन्डेन्ट पहन सकती हैं। हाथों की उंगलियों में पतले बैंड या हल्के डिजाइन की छल्लेनुमा अंगूठी पहन सकती हैं। अविवाहित लड़कियां गले में प्लास्टिक तार मेें मोतियों के या चांदी के छोटे पेन्डेन्ट भी पहन सकती हैं, चैन के अलावा।
शादीशुदा महिलाओं को कुछ आभूषणों का प्रयोग रीति रिवाजों के अनुसार करना पड़ता है। रीति रिवाज निभाते हुए उन्हीं आभूषणों को हल्के बनवा कर पहन सकते हैं। कई परिवारों में शादी के बाद मंगलसूत्र पहनना आवश्यक होता है। ऐसे में आप गले से लगे छोटे पेन्डेंट वाले मंगलसूत्र पहनें। जिन परिवारों में मंगलसूत्र आवश्यक नहीं हैं वे महिलाएं छोटे सोने या मोती जडि़त पेन्डेन्ट वाली मध्यम आकार की चेन पहन सकती हैं। बदलाव हेतु अमेरिकन डायमन्ड वाले भिन्न-भिन्न डिजाइनों के पेन्डेन्ट रेशमी धागों में सेट करवा कर, मोतियों की विभिन्न मालाओं में कंठीनुमा गले के आभूषण पहन सकती हैं।
अधिकतर परिवारों में विवाहित स्त्रियों को बांहों में चूडिय़ां या कंगन आवश्यक पहनने होते हैं जो सुहाग चिन्ह माना जाता है। आप अपने आप को हल्का रखने हेतु एक-एक चूड़ी दोनों बांहों में पहन सकती हैं या दोनों चूडिय़ां एक बांह में और दूसरी बाजू में घड़ी पहन सकती हैं। परिवर्तन हेतु मोतियों के कड़े, लाख, कांच और प्लास्टिक की रंग बिरंगी चूडिय़ां पहनें।
अंगूठी बहुत लम्बी और उठे हुए डिजाइन की न पहनें जो काम करने में बाधा डाल सकती हैं, कपड़ों में उलझ कर कपड़े खराब कर सकती हैं। अंगूठी के रूप मेेें कम चौड़ाई वाली गोलाई लिए डिजाइन की या छल्लेनुमा छोटे डिजाइन वाली अंगूठी पहनें।
कानों में सोने के मध्यम आकार वाले हैंगिंग्स, मध्यम आकार की बालियां, और टॉप्स आदि बदल बदल कर पहन सकती हैं। मोती की माला के साथ उससे मेल खाते टाप्स पहन सकती हैं। नगों के पेन्डेन्ट सैट के साथ नगों वाले टाप्स पहनें।
इस प्रकार हल्के फुल्के गहने देखने में भी शोभा देते हैं और शरीर के जरूरी अंगों को सजाया भी जा सकता है। परिवार के रीति रिवाजों की रक्षा भी हो सकती है। चोरी होने का अधिक खतरा भी नहीं रहता और अपने सहयोगियों को आलोचना करने का मौका भी नहीं मिलता। शहरी भाग दौड़ की जिन्दगी में आप अपने को सुरक्षित भी महसूस करती हैं, कम और आकर्षक गहनों का प्रयोग करके।
-नीतू गुप्ता

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