वक्ष सौंदर्य-कुछ आवश्यक तथ्य

वक्ष सौंदर्य-कुछ आवश्यक तथ्य

वक्षस्थल का सौंदर्य स्त्री और पुरूष दोनों के लिए स्वास्थ्य और सौन्दर्य का प्रतीक है। वक्षस्थल की सुंदरता पुरूष और स्त्रियों में भिन्न भिन्न आकृति मानी गई है। पुरूषों का वक्षस्थल वह सुन्दर है जिसमें बीच में घने, किंतु मुलायम बाल हों, कसी हुई मछलियां उभरी हो और वक्षस्थल खूब चौड़ा और साफ हो। स्त्रियों का वक्षस्थल खूब गोरा, चिकना, निर्लोम और मांसल होना चाहिए।
यौवन के प्रारंभ में यदि कोशिश की जाये तो वक्षस्थल कसा हुआ और सुंदर बन सकता है क्योंकि उस समय उम्र का उभार होता है तथा पसलियां लचकदार होती हैं।
ढलते हुए, मोटे और भद्दे स्तन सुंदर नहीं कहे जा सकते। स्त्रियों में उत्तम उभारदार स्तन होने के लिए यह आवश्यक है कि खूब मांसल और जड़ में फैले हुए, गोल तथा उन्नत हों मगर दु:ख की बात तो यह है कि हमारे-किशोर-किशोरियों को कुसंग-दोष से स्तन मर्दन कराने का अभ्यास हो जाता है और अल्पायु में ही उनके स्तन बढ़ जाते हैं जो देखने में भद्दे व लटके हुए रहते हैं। बाद में उनका विकास रूक जाता है।
विवाहित स्त्रियां भी प्राय: अपने शिशु को अपने दूध से वंचित रखती हैं। उन्हें इस बात कि आशंका रहती है कि दूध पिलाने से स्तन की खूबसूरती जाती रहती है जबकि उनका सोचना गलत है। दूध न पिलाने से वह स्तन कैंसर की शिकार भी हो सकती है।
फिलहाल प्राणायाम, नियमित पौष्टिक ओजन, व्यायाम तथा सही ब्रा पहनकर कुछ हद तक स्तनों का विकास किया जा सकता है।
स्तनों को खूब मलें। यहां तक कि लाल हो जाएं। फिर उन पर भैंस के बासी दूध का झाग मलें और सूखने पर मल-मलकर उतार दें। इस प्रकार दिन में दो बार करें।
नहाने से करीब आधा घंटे पहले जैतून के तेल से स्तनों की मालिश करें। उंगलियों के अग्रभाग को तेल में डुबोकर स्तन के चारों ओर से गोलाई में हल्की-हल्की मालिश करते हुए निपल तक आयें।
गुलरोगन में फिटकरी घिसकर प्रति सप्ताह एक बार लेप लगायें। इससे स्तन कठोर तो होंगे ही साथ ही सुंदरता भी बढ़ेगी।
स्तनों के तनाव को बनाए रखने के लिए आमतौर पर ब्रा का प्रयोग किया जाता है पर उनकी बनावट प्राय: वैज्ञानिक नहीं होती। या तो वे इतनी तंग होती हैं कि तमाम वक्षस्थल कसा रहता है, जिससे पसलियां सिकुड़ जाती है या फिर स्तन ढीले और लटके ही रहते हैं। ब्रा ऐसी होनी चाहिए जो ठोस स्तन के माप की और उसकी बनावट के अनुरूप हो।
दूसरे, यह महीन वस्त्र की होनी चाहिए। रेशमी ब्रा सफेद रंग की अति उत्तम है। ब्रा इस प्रकार पहननी चाहिए जिससे सीना न कसे, साथ ही सांस लेने में भी परेशानी न हो। सही आकार व नंबर की ही होनी चाहिए जिससे स्तन उभरे नजर आयें।
अगर आपके स्तन काफी छोटे हैं तो आप फोम वाली ब्रा पहन सकती हैं। इससे स्तन बड़े व तने हुए प्रतीत होंगे।
- पवन कुमार आर्य

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