रूप के साथ-साथ व्यक्तित्व को भी निखारें

रूप के साथ-साथ व्यक्तित्व को भी निखारें

आधुनिक महिलाओं में अपने सौंदर्य के प्रति सजगता प्राचीन समय की महिलाओं से कई गुना अधिक आई है। सुन्दरता केवल स्त्री के रूप रंग की ही नहीं होती बल्कि उसके पूरे व्यक्तित्व से होती है। अब सुन्दरता की परिभाषा में भी बदलाव आया है। स्त्री के रूप में रंग के साथ, पहनावे की समझ, उसकी चाल ढाल, उसका व्यवहार, बोलने का तरीका, स्वयं को कैरी करने का तरीका, ये सभी गुण सुन्दरता की परिभाषा में समाहित हैं।

शरीर की सुन्दरता को तो बनाव श्रृंगार द्वारा संवारा जा सकता है पर व्यक्तित्व को निखारने के लिए उसमें कई गुणों का समावेश होना बहुत जरूरी है। आइए सीखें कुछ बातें जो हमारे व्यक्तित्व को निखारने में हमारी मदद कर सकती हैं।

- हर स्त्री को समय की कीमत पहचाननी चाहिए। आधुनिक समय प्रतिस्पर्द्धा का समय है। यदि समय के साथ नहीं चलेंगे तो पीछे रह जाएंगे। फालतू गपबाजी, दूसरों की बुराई, चुगली टी. वी. प्रोगामों पर घंटों बैठे रहना, समय की बर्बादी के अतिरिक्त कुछ नहीं है। इन सबसे बच कर समय का सही सदुपयोग करें।

- अपने गुणों को पहचानें और उन्हें उभारने का प्रयास करें। हर महिला में कोई न कोई गुण छुपा होता है। बस आवश्यकता है उसे पहचानने की। ये गुण अच्छे वक्ता, अच्छी गृहिणी, अच्छी आवाज, वस्त्र पहनने का सलीका, वस्त्रों के रंगों का सही तालमेल, कुछ रचनात्मक काम आदि कुछ भी हो सकता है। अपने गुणों को पहचानें और उन्हें सही अंजाम देकर आप अपने व्यक्तित्व में निखार ला सकती हैं।

- अपनी भाषा में मिठास लायें। 'धन्यवाद' और 'प्लीज़' शब्द का आवश्यकतानुसार प्रयोग करने से न कतरायें। दूसरों के उपकारों का एहसान मानें और धन्यवाद देना न भूलें। कुछ करवाने के लिए स्वभाव में विनम्रता रखें और आवश्यकता पडऩे पर मदद करने के लिए तत्पर रहें।

- घर पर रहने वाली महिलाओं को अक्सर आज का काम कल पर छोडऩे की आदत रहती है। इस आदत से छुटकारा पायें। सोचते रहने से या कल करने से आप काम से छुटकारा नहीं पा सकती।

- सीखने के लिए उम्र की सीमा नहीं होती। कभी किसी से कुछ भी सीखने को मिले तो शरमायें नहीं। हमेशा मानसिक रूप से तैयार रहें सीखने के लिए। कभी कम उम्र वाले से सीखने को कुछ मिले तो भी सीखने में संकोच न करें।

- सही ढंग से काम करना भी एक कला है। सुव्यवस्थित ढंग से समय पर काम निपटाने का प्रयास करें। नौकरी करती हैं तो दूसरों के काम करने के तरीके को देखें और सही ढंग अपनाएं। दूसरों से काम लेना भी एक कला है यदि आप बॉस हैं, उच्च पद पर या नौकरों से कुछ काम लेना हो तो कभी रौब, कभी प्यार और कभी प्रार्थना करनी पड़े तो आवश्यकतानुसार व्यवहार अपना कर काम लें।

- अपने धन दौलत, उच्च पद और सुन्दरता का घमंड न करें। ये सब आने जाने की चीज़ें हैं। कभी किसी के पास तो कभी किसी दूसरे के पास ये सब हो सकता है।

- अपनी गलतियों को पहचानें और उन्हें सुधारने का प्रयास करें। यदि आपको गुस्सा जल्दी आता है तो उस पर काबू पाने की कोशिश करें। छोटी मोटी बात पर भड़कें नहीं। उन्हें नजऱ अंदाज करें।

- जीवन में बहुत सी परेशानियां और तनाव होते हैं इसलिए छोटी परेशानियों से परेशान न हों, न ही स्वयं को तनावग्रस्त बनाएं। जीवन में बड़ी-बड़ी बातों को सोचें और अपनी सोच सकारात्मक बनायें।

- दूसरों के अच्छे कामों की प्रशंसा करने में कंजूसी न बरतें। उनकी उन्नति व सफलता पर उन्हें बधाई देना न भूलें। दूसरों की खुशी में दिल से शामिल हों।

- स्त्री का सबसे बड़ा गहना शर्म और विनम्र स्वभाव है। इसकी गरिमा बनाए रखें। बड़ों के प्रति आदर भाव और छोटों को प्यार देकर उनका मन जीतें।

- अपने खाली समय में कुछ रचनात्मक कार्य करती रहें ताकि आपको महसूस हो कि आप एक धनी व्यक्तित्व की मलिका हैं।

- नीतू गुप्ता

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