ये जो तेरी पायलों की छम-छम है...

ये जो तेरी पायलों की छम-छम है...

आइने में एक अक्स उभरा और गुम हो गया, हम उनके ख्यालों में ही थे कि वो करीब से गुजर गए। उनके पायल की रूनझुन, कदमों की आहट, जाते-जाते उनका पीछे मुड़कर देखना कुछ न कहते हुए भी बहुत कुछ कह गया।

युवतियों के धड़कनों की आवाज को परखते हुए स्वर्णकारों ने तरह-तरह की डिजाइनदार पाजेबों को बाजार में उतारा। समय के साथ इनमें बदलाव जरूर होता रहा लेकिन पांवों में पहने जाने वाला यह आभूषण फैशन की दौड़ में कभी पीछे नहीं रहा। फैशनपरस्त युवतियां आजकल अपने कपड़ों से मेल खाती पाजेब पसंद करने लगी हैं।

पाजेब हर महिला की पसंद है फिर वह चाहे विवाहित युवती हो या कॉलेज जाने वाली आधुनिक युवतियां। पहले जहां सिर्फ चांदी के पायलों की बिक्री हुआ करती थी वही अब सोने और मोतियां पिरोई हुई पायलें भी बाजार में धूम मचा रही हैं विभिन्न रंगों की मोतियों से सजी रंग-बिरंगी पायलें भी फैशन की दौड़ में हैं जो सोने और चांदी की पायलों की तुलना में सस्ती और ज्यादा फैशनबल होती हैं।

शीतल आभूषण के प्रोपराइटर अनिल जायसवाल का कहना है कि यह तो शाश्वत सत्य है कि गहने हमेशा ही महिलाओं की पहली पसंद और कमजोरी रहे हैं लेकिन पायल एक ऐसा गहना है जिस पर कई शेर और शायरी लिखी और गायी गई। आजकल अमीर घरानों की महिलाओं द्वारा सोने की पायलें भी पसंद की जाने लगी हैं लेकिन परंपरागत रूप से चांदी के पायल ही पहनने और पसंद की जाती रही हैं।

कुछ लोग सोने को पांव में पहनना अच्छा नहीं समझते, वहीं कुछ लोग इस धारणा को बकवास कहने से भी परहेज नहीं करते हैं। लेटेस्ट डिजाइनों की बिक्री ज्यादा होती है और जिसकी ज्यादा बिक्री होती है वही फैशन के दौर में शामिल हो जाता है। दुल्हनें आम तौर पर चौड़े डिजाइन की घुघंरूओं वाली पायल पहना करती हैं।

जब उनका दिल ही जीतना हो तो क्यों न कुछ खास करें। ऐसी बेशकीमती पाजेब को आप भी अपने पैरों में सजाने से गुरेज न करें।

- नर्मदेश्वर प्रसाद चौधरी

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