आपकी बेटी-आपकी जिम्मेदारी

आपकी बेटी-आपकी जिम्मेदारी

- आपकी बेटी आपके घर की रोशनी है। उसे तराशिए, संवारिये, उज्ज्वल बनाइये, निखारिये।

- जो दर्जा आपके घर में बेटे का है, उससे बड़ा ही दर्जा बेटी को दीजिये। लिंगभेद कभी मत करिये।

- बचपन से ही बेटी को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाइये।

- बचपन से ही बेटी को पौष्टिक आहार दीजिए जैसे फल, दूध आदि ताकि उसके गर्भाशय का विकास सही ढंग से हो।

- बेटी की रूचि देखकर उसका लक्ष्य निर्धारित करें। उस लक्ष्य की तरफ समर्पित होने की भावना का उसमें निर्माण करें।

- मां होने के नाते आपकी यह जिम्मेदारी है कि आप अपनी बेटी की सहेली बनें। पढ़ाई में आप उसकी मार्गदर्शिका बनें। प्रेरणा बनें। समय के साथ साथ उसे सजना व संवरना सिखाइये।

- अपनी बेटी को आलस्य, क्रोध, स्वार्थ, फिजूलखर्ची आदि अवगुणों से बचाइये और इन अवगुणों का अंजाम भविष्य में कितना खतरनाक हो सकता है, इससे अपनी बेटी को अवगत कराइये।

- सब रिश्तों का जीवन में महत्त्वपूर्ण योगदान रहता है, इसका आभास उसे कराइये। रिश्तों की गरिमा एवं रिश्ते कैसे बनाए रखें, इसकी शिक्षा उसे जरूर दीजिए।

- अपनी बेटी को साहसी तथा महत्त्वाकांक्षी बनाएं। उसके हौंसले हमेशा बुलंद रखें। 'पराए घर का धन' कहकर उसके मन को कभी न दुखाएं।

- समस्याएं हर एक के जीवन में आती हैं। संघर्ष हर किसी को करना पड़ता है। हर समस्या का हल उचित एवं सही ढंग से करें। इसका ज्ञान अपनी बेटी को दीजिए। कठिन परिस्थितियों में भी अपने आपको सामान्य रखते हुये सही समय पर सही फैसला करने की शिक्षा दीजिए।

- यह आपका उत्तरदायित्व है कि बेटे के साथ-साथ बेटी के भी शारीरिक एवं मानसिक विकास की तरफ ध्यान दें। जब कभी आपको लगे कि आपकी बेटी आपसे कुछ छुपा रही है तो आप उस पर नाराज न हों बल्कि उचित समय देखकर उसे समझाएं और अहसास दिलायें कि

मां ही सबसे प्यारी दोस्त तथा सच्ची हमदर्द है।

- आपकी बेटी एक मासूम कली है। यह तो माली पर निर्भर करता है कि वह कली को भौंरों से बचाकर खिलने दें और उसे सुन्दर पुष्प के रूप में परिवर्तित करें और वह पुष्प अपने अच्छे गुणों की खुशबू चारों तरफ फैलाए। आप अपनी थोड़ी सी समझदारी से उसका जीवन संवार सकती हैं। अगर बेटी को आपने अपने विश्वास में ले लिया तो जिंदगी भर वह आपकी प्यारी बेटी बनकर रहेगी।

- मीना जैन छाबड़ा

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