Read latest updates about "लेडीज स्पेशल" - Page 1

  • झुर्रियां भगाने के घरेलू उपाय

    त्वचा हमारे शरीर का बाहरी आवरण है जो बाहरी कारकों से हमारे शरीर के आंतरिक अंगों की सुरक्षा करता है और शरीर के ताप को नियंत्रित रखता है। यह हमारे स्वास्थ्य का दर्पण भी है। बाहरी कारकों, आघात व बढ़ती उम्र का प्रभाव सर्वप्रथम त्वचा पर ही पड़ता है। बढ़ती उम्र के साथ त्वचा की कमनीयता और लोच खत्म होने...

  • बड़ा पवित्र रिश्ता है देवर - भाभी का

    देवर भाभी का रिश्ता आदिकाल से चला आ रहा है। सामान्य तौर पर इसे हंसी-मजाक वाला रिश्ता ही माना जाता है परंतु अगर गहराई से देखा जाए तो इसके अंदर अनगिनत तथ्य छिपे होते हैं। एक ओर देवर नई नवेली दुल्हन को भाभी के रूप में पाकर खुशी के मारे फूला नहीं समाता, वहीं दुल्हन को देवर के रूप में एक ऐसा व्यक्ति...

  • घर परिवार: ताकि नकली जेवरों की चमक फीकी न पड़े

    सोने का मूल्य आसमान छूने के कारण आज के समय में स्वर्णाभूषणों को बनवाना सबके वश की बात नहीं रह गई है। आज की बढ़ती मंहगाई भी नारी के आभूषणों के शौक को खत्म करने पर ही तुली है। छीना-झपटी के डर से भी सोने-चांदी के गहनों को पहनना अपनी मौत को आमंत्रण देने के समान ही है। नारियों को आभूषणों का शौक तो पूरा...

  • साड़ी बांधने के हैं कई ढंग

    गांव की गोरी हो या फिर शहर की अलबेली नारी, साडिय़ों से कोई नहीं बच सकी है क्योंकि परंपरागत तथा कलात्मक साडिय़ों ने ही भारतीय नारी की अलग से पहचान बनाई है। साड़ी के चयन के साथ अगर ब्लाउज के चयन में भी सूझबूझ का परिचय दिया जाए तो रंग-रूप में और भी निखार आ जाता है। साड़ी व्यक्तित्व के निखार को तभी उभार...

  • इन्हें अपनाएं खूबसूरती बढ़ाएं

    नियमित व्यायाम और तेज टहलना खूबसूरती बनाए रखने में मदद करते हैं। व्यायाम शरीर को तो लाभ पहुंचाता ही है, उसके साथ थकान और तनाव से भी मुक्ति दिलाता है। - चीनी और नींबू का रस त्वचा को मुलायम और साफ करने के लिए हाथों पर रगड़ा जा सकता है। - पैरों की थकान दूर करने के लिए और मृत त्वचा मुलायम बनाने के...

  • हमारे परिधान ही हमारी पहचान हैं

    बदलते समय, बदलते परिवेश में आधुनिक पहनावे के प्रभाव से कोई भी अछूता नहीं है। सभी वस्त्रों की चकाचौंध की ओर आकर्षित हो रहे हैं। वस्त्रों और उनके डिजाइन से स्त्री-पुरूष, बच्चों, सभी को एक वस्तु के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। लोगों में आधुनिकता की इस अंधी दौड़ में आधुनिक दिखने की लिप्सा बढ़ती जा...

  • दैनिक कार्यों की नीरसता से हताश न हों

    मेज-कुर्सी पर बैठ कर ऑफिस का काम करने वालों की तुलना में होम मेकर महिला सदैव लाभ में रहती है। उसे अपनी व्यस्तताओं के दौरान बार-बार नीचे झुकने, तन कर खड़ा होने और शरीर को दाएं-बाएं मोडऩे की आवश्यकता पड़ती है। इन विविध हरकतों का शरीर और अंगों पर सुखद प्रभाव पड़ता है और स्वाभाविक लोच और निरोगता कायम...

  • नया नाता जोडऩे से पहले पुराने संबंधों को कहिए अलविदा

    संबंध जितनी जल्दी जुड़ते हैं, शायद उतनी जल्दी टूट भी जाते हैं। इतने लंबे संबंध क्षण भर में समाप्त हो जाते हैं और आप पुन: अकेले हो जाते हैं। विवाह जैसे पवित्र रिश्ते का अंत तलाक में हो जाता है। विवाह या कोई रिलेशनशिप, जब टूटती है तो व्यक्ति अकेलेपन व डर का शिकार हो जाता है। उसका विश्वास खत्म हो जाता...

  • तनाव खतरनाक है स्नायुमंडल के लिए

    आज का युग चिंता का युग है। हमारे दिमाग को भगवान ने ऐसा बनाया है कि यह तुरन्त प्रतिक्रिया करता है। यदि कोई हमें मारे तो हमारे हाथ स्वत: ही आत्मरक्षा के लिये उठ खड़े होते हैं। कोई बड़ा खतरा देखते ही हम तुरन्त वहां से भाग खड़े होते हैं। वास्तव में हमारे दिमाग का एक भाग हमें ये क्रियाएं करने का आदेश...

  • बच्चे को डरपोक न बनाएं

    डर चाहे किसी भी तरह का हो, बच्चों को कमजोर और कायर बनाता हैं। ऐसे बच्चे हर समय खुद को असुरक्षित पाते हैं, और डरे सहमे रहते हैं। उनका उत्साह गर्म पडऩे की बजाय ठंडा पड़ जाता हैं और वे मानसिक रोग के शिकार हो जाते हैं। इस प्रकार डर बच्चों का भविष्य ही अंधकारमय बना देता है, बच्चों को जरूरत से ज्यादा...

  • घर परिवार: अभिभावक ही दे सकते हैं बच्चे को उचित मार्गदर्शन

    आज अधिकतर माता-पिता अपने बच्चों के व्यवहार से परेशान हैं। अनुशासन का तो बच्चों में पूर्ण रूप से अभाव नजर आ रहा है। अभिभावक उनमें अनुशासन तो उत्पन्न नहीं कर पा रहे पर बच्चे अपने अभिभावकों से अपनी आज्ञा का पालन अवश्य करवा रहे हैं। अभिभावक यही मानकर चल रहे हैं कि आज के बच्चे हैं ही ऐसे और इनको सुधारना...

  • सांवले रंग पर जरूरी है सही मेकअप

    हर स्त्री चाहती है कि वह सुंदर दिखे। उसका रंग रूप भले जैसा भी हो, वह सजे संवरे। गोरे रंग पर तो सब कुछ सजता है पर मुश्किल तब आती है जब रंग सांवला हो। आपकी त्वचा का रंग प्रकृति की देन है और प्रकृति ने हर किसी को कुछ न कुछ सुंदर अवश्य दिया है, इसलिए अपने अंदर किसी काम्पलेक्स को न पालें। आपको बस यह आना...

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