हवा की लहर बनकर, तू मेरी खिड़की...

हवा की लहर बनकर, तू मेरी खिड़की...

हवा की लहर बनकर, तू मेरी खिडकी न खटखटा.

मैं बन्द कमरे में बैठा हूँ…. तूफान से सटा

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यहां कवि गर्लफ्रैंड को बता रहा है मिस काॅल मत देना, बीवी पास बैठी है. 😛

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