समर्थकों ने जियाबो की पत्नी की रिहाई की मांग की

समर्थकों ने  जियाबो की पत्नी की रिहाई की मांग की

बीजिंग। चीन के विद्रोही नेता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता लिउ जियाबो के निधन के बाद उनके मित्रों ने कहा है कि उनकी पत्नी लिउ जिया से अभी तक सम्पर्क नहीं हो पाया है, और अब उनकी प्राथमिकता उनकी आजादी सुनिश्चित कराना है। नोबेल सम्मान हासिल करने वाले 61 वर्षीय जियाबो को 2009 में राजनीतिक सुधारों से जुड़े 'चार्टर 08 नामक एक कथित भड़काऊ लेखन के आरोप में 11 वर्ष की जेल हुई थी। विद्रोही नेता को 2010 में नोबेल पुरस्कार मिलने के बाद से उनकी पत्नी को नजरबन्द कर दिया गया है और उन्हें महीने में केवल एक बार अपने पति से जेल में मिलने की इजाजत दी गई थी। इसके चलते वह मानसिक अवसाद से ग्रस्त हो गई थी। लम्बी बीमारी के बाद श्री जियाबो का कल निधन हो गया था। यकृत कैंसर की बीमारी से जूझ रहे विद्रोही नेता को हाल ही में जेल से शेनयांग के उत्तरपूर्व में स्थित एक अस्पताल में भर्ती किया गया था। मानवाधिकार संगठनों और पश्चिमी देशों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है और चीनी प्रशासन से उनकी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों पर लगे प्रतिबंध हटाने को कहा है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त जैद राद अल हुसैन ने भी चीन से श्री जियाबो की पत्नी पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटाने का आग्रह किया है और उन्हें विदेश जाने की अनुमति देने को कहा है इस बीच विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जेंग शुआंग ने कहा कि श्री जियाबो का मामला चीन का घरेलू मसला है और किसी भी देश को इस मुद्दे पर अनुचित टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है। प्रवक्ता ने कहा कि हम संबद्ध देशों से अपील करते हैं कि उन्हें चीन की न्यायिक प्रभुता का सम्मान करना चाहिए और इस व्यक्तिगत मामले को लेकर हमारे आंतरिक मसलों में नहीं पडऩा चाहिए। श्री जियाबो के साथी और पारिवारिक मित्र हू जिआ ने कहा कि हमें उनकी पत्नी की इस समय सबसे ज्यादा चिता हो रही है । हमें उनकी कोई खबर नहीं मिली है और इस समय सबसे ज्यादा दु:खी वही होंगी। हुआ ने कहा कि लियू जिआ के छोटे भाई लियू हुई की रिहाई पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए जिन्हें धोखाधड़ी के आरोप में 2013 में 11 वर्ष की जेल की सजा सुनाई गयी थी। इस बीच उनके अन्य करीबी मित्रों ने पुष्टि की है कि अभी तक श्री जियाबो की पत्नी और अन्य सदस्यों की कोई खोजखबर नहीं है।

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