चीन में 60 प्रतिशत छात्र सोते हैं कक्षाओं में

चीन में 60 प्रतिशत छात्र सोते हैं कक्षाओं में

बीजिंग। इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों के अत्यधिक उपयोग और होम वर्क के भारी बोझ तले दबे चीन के 60 प्रतिशत से अधिक छात्र रात में पूरी नींद नहीं लेने के कारण कक्षाओं में सोते हैं। चाइना डेली के अनुसार चाइनीज स्लीप रिसर्च सोसायटी की रविवार को जारी रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले साल के अंत में और इस वर्ष जनवरी में हांगकांग, मकाओ और ताइवान समेत पूरे देश में छह से 17 आयु वर्ग के करीब 70 हजार छात्रों और किशोरों पर शोध किया गया, जिसमें यह चौंकाने वाला नतीजा आया है। रिपोर्ट के अनुसार गृह कार्य का भारी तनाव और इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों का उपयोग बच्चों और किशोरों की नींद में बाधा बनने के दो महत्वपूर्ण कारण हैं। इनमें से 8.4 प्रतिशत बच्चे और किशोर सोमवार से गुरुवार तक रात के 11 बजे के बाद भी गृह कार्यों को पूरा करने में जुटे रहते हैं। इस बीच चिकित्सकों का कहना है कि पूरी नींद नहीं लेने से लोगों के अल्जाइमर की चपेट में आने की आशंका बढ़ जाती है। पूरी एवं गहरी नींद के दौरान ही मानव मस्तिष्क डाटा संग्रहित करता है और इसे याद करना आसान हो जाता है। चिकित्सक परीक्षा के समय रात में जगकर पढऩे की बजाय अच्छी नींद लेने की छात्रों को सलाह देते हैं।

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