लाभ नहीं होने पर परमाणु समझौते में बने रहना असंभव: ईरान

लाभ नहीं होने पर परमाणु समझौते में बने रहना असंभव: ईरान

लंदन। ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा है कि यदि अंतरराष्ट्रीय परमाणु समझौते से तेहरान को लाभ नहीं हो सकता तो उसका इस समझौते में बने रहना असंभव है। श्री रूहानी ने मंगलवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन से फोन पर बातचीत के दौरान यह बात कही। उन्होंने श्री मैक्रॉन से इस समझौते को बचाए रखने का आग्रह किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ हुए ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय परमाणु समझौते से अमेरिका के अलग होने की घोषणा करने के बाद यूरोपीय देशों की ओर से इस समझौते को बचाने के भरपूर प्रयास किए जा रहे हैं। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक राष्ट्रपति रूहानी ने कहा कि यदि ईरान को अंतरराष्ट्रीय परमाणु समझौते से लाभ नहीं हो सकता तो उसका इस समझौते में बने रहना असंभव है। श्री रूहानी ने परमाणु समझौते के मुद्दे पर यूरोपीय देशों के रवैया विशेष रूप से फ्रांस की ओर से इस समझौते को बचाए रखने के लिए किए जा रहे प्रयासोंं को लेकर संतुष्टि जाहिर की है। गौरतलब है कि वर्ष 2015 में ईरान ने अमेरिका, चीन, रूस, जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते के तहत ईरान ने आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने के बदले अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने पर सहमति जताई थी।

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