नवाज परिवार के खिलाफ अवमानना याचिका खारिज

नवाज परिवार के खिलाफ अवमानना याचिका खारिज

इस्लामाबाद। पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, उनके भाई शहबाज शरीफ और कैप्टन (सेवानिवृत) मुहम्मद सफदर तथा अन्य के विरुद्ध दायर अवमानना याचिका खारिज कर दी है।
अंग्रेजी दैनिक 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' में आज प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश मियां साकिब निसार की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि न्यायपालिका के खिलाफ दिए गए बयानों की उचित समय पर जांच की जाएगी। अवमानना याचिकाएं महमूद अख्तर नकवी ने दायर की थीं।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने कहा कि श्री शरीफ को हटाने का फैसला आने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री ने कई राजनीतिक रैलियों में अदालतों का मौखिक रूप से अनादर किया था।
इस पर मुख्य न्यायाधीश ने उत्तर दिया कि अलग-अलग वक्तव्य अदालत के रिकॉर्ड में पहले से ही मौजूद हैं। सही समय आने पर वह मामले की सुनवाई करेंगे। अदालत ने डेनियल अजीज, तलाल चौधरी, ख्वाजा साद रफीक, नैयर भुकारी, फिरदौस आशिक अवान और यूसुफ रजा गिलानी के खिलाफ अदालत की सभी अवमानना याचिकाओं को भी खारिज कर दिया।
श्री नकवी ने 2017 में शरीफ बंधुओं, जावेद हाशमी, रेल मंत्री साद रफीक, दनियाल अजीज और अन्य के विरुद्ध अवमानना याचिका शीर्ष अदालत में दायर की थी।
दूसरी ओर शीर्ष अदालत ने वर्ष 2012 में एनआरओ मामले में स्विस अधिकारियों को पत्र लिखने के लिए दोषी ठहराये जाने के खिलाफ यूसुफ रजा गिलानी की पुनर्विचार याचिका को सुनवाई के लिए सुरक्षित रख लिया। पीठ ने पीटीआई प्रमुख इमरान खान के खिलाफ इसी याचिकाकर्ता की अवमानना याचिका सुनवाई के लिए रख ली।
दिलचस्प बात यह है कि इसी पीठ ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश इफ्तिखार मुहम्मद चौधरी की आलोचना करने के लिए नसीर कयानी द्वारा दायर एक और अवमानना याचिका को सुनवाई के लिए सुरक्षित रख लिया है। श्री चौधरी की सेवानिवृत्ति के बाद 2014 में यह याचिका दायर की गई थी।

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