आस्ट्रेलिया ने की शिआबो विधवा की रिहाई की अपील

आस्ट्रेलिया ने की शिआबो विधवा की रिहाई की अपील

सिडनी। आस्ट्रेलिया ने चीन से नोबल शांति पुरस्कार से सम्मानित विद्रोही नेता लिउ शिआबो, जिनकी हिरासत में रहते हुए गत सप्ताह लीवर कैंसर से निधन हो गया, की विधवा पर से तमाम पाबंदियां हटाने की आज अपील की। वर्ष 2009 से जेल में बंद शिआबो का 61 वर्ष में निधन हो गया। उपनर राज्यसत्ता के खिलाफ लोगों को भड़काने का आरोप था। हालांकि गिरफ्तारी से पहले उन्होंने चीन में राजनीतिक सुधारों को व्यापक बनाने के लिए चार्टर 08 नामक एक याचिका को लिखने में मदद भी की थी। उनकी पत्नी लिउ शिआ इनदिनों अस्पताल में हैं और पिछले कुछ सप्ताह में उनकी स्वास्थ्य की स्थिति में गिरावट ही आई है। हालांकि 2010 में शिआबो को नोबल शांति पुरस्कार मिलने के बाद से ही उन्हें घर के अंदर ही नजरबंद रखा गया है। आस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री जुली बिशप ने आस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कार्पाेरेशन से बातचीत में कहा,हम चीनी सरकार से शिआबो की पत्नी से यात्रा पांबदियां हटाने और उन्हें तुरंत नजरबंदी से मुक्त करने की अपील करते हैं। आस्ट्रेलिया की प्रतिक्रिया चीन के गुस्से को और अधिक भड़का सकती है। चीन ने लिउ शिगाबो पर पश्चिमी देशों की टिप्पणियों का कड़ा प्रतिवाद किया है। इससे चीन के साथ आस्ट्रेलिया के मधुर संबंधों पर भी असर पड़ सकता है। ऑस्ट्रेलिया सबसे बड़े व्यापारिक भागीदार के रूप में चीन पर निर्भर है। लेकिन चीन अमेरिका से करीबी सैन्य रिश्ते को लेकर आस्ट्रेलिया की भूमिका को लेकर आशंकित रहता है। ऑस्ट्रेलिया में चीन को लेकर आशंकायें बढ़ रही हैं। लोगों का आरोप है कि चीन संवेदनशील मुद्दों और कठोर आलोचनाओं पर जनमत को बदलने के लिए अपने बढ़ते प्रभाव का उपयोग कर रहा है।

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