सेना माली में हिंसा रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाये: संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञ

सेना माली में हिंसा रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाये: संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञ

बमाको। संयुक्त राष्ट्र अधिकार विशेषज्ञ ने उत्तर पश्चिमी अफ्रीकी राष्ट्र में हिंसा समाप्त करने और नागरिकों की रक्षा के लिए 'प्रभावी सैन्य उपाय' करने का आह्वान किया है। पश्चिमोत्तर अफ्रीकी राष्ट्र के लिए संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र अधिकार विशेषज्ञ अलियोन टाइन ने मंगलवार को कहा कि माली में मानवाधिकार और सुरक्षा की गंभीर स्थिति चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि मध्य और उत्तरी क्षेत्र में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और सरकार की स्थिति कमजोर हुई है जो बड़ा आघात है। बढ़ती हुई चरमपंथी हिंसा से माली और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बलों की ओर से आतंकवाद के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियानों के साथ संगठित अपराधों से 'भय और असुरक्षा की गहरी भावना' बनी हुई है। माली सरकार 2012 की शुरुआत से लगातार हुई गड़बड़यिों को दुरुस्त करने और स्थिरता लाने के प्रयास कर रही है। ऐसे क्षेत्र जो अभी कुछ महीने पहले शांत थे अब हिंसा से प्रभावित हैं। विशेषज्ञ ने कहा कि गंभीर और बार-बार होने वाले उल्लंघनों और मानवाधिकारों के हनन की घटनाओं, अदालती कार्रवाई के बगैर लोगों की जान लेने, अपहरण करने, यातनाओं, अत्याचार और गैरकानूनी नजरबंदियों के आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी बलों को माली के सभी हिस्सों पर काबू पाने के लिए शस्त्र विद्रोहियों के विरुद्ध एक व्यापक और समन्वित रणनीति को अपनाने की आवश्यकता है। यह मानव अधिकारों के हनन को रोकने के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह जानने की जरूरत है कि उत्तरी और मध्य क्षेत्रों में गरीबी उन्मूलन के लिए ठोस विकास की पहल की जाये और समाधान के अभाव में हिंसा को समाप्त करना मुश्किल होगा।

Share it
Top