प. अफ्रीका से शरणार्थियों के सामूहिक निष्कासन पर अल्जीरिया लगाये रोक: सं.रा.

प. अफ्रीका से शरणार्थियों के सामूहिक निष्कासन पर अल्जीरिया लगाये रोक: सं.रा.

न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र के पर्यवेक्षक फिलिप गोंजालेज मोरालेस ने कहा है कि अल्जीरिया पश्चिमी अफ्रीका के विभिन्न देशों से शरणार्थियों के नाइजर को होने वाले सामूहिक निष्कासन पर रोक लगाए। संयुक्त राष्ट्र न्यूज के अनुसार संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिवेदक श्री मोरालेज ने नाइजर की यात्रा के दौरान कहा कि पश्चिमी अफ्रीका के शरणार्थियों को जिस तरह के अत्याचारों का सामना करना पड़ता है, वह अन्तरात्मा को हिला देने वाला है।

उन्होंने अपने बयान में कहा कि शरणार्थी तस्करी, उत्पीडऩ, मनमानी हिरासत और गिरफ्तारी, दुष्कर्म, कामगार शोषण तथा दासता जैसे कि अकल्पनीय अत्याचारों का सामना करना पड़ता है। शरणार्थी सूडान, चाड़, लीबिया और माली होते हुए नाइजर पहुंचते हैं। संयुक्त राष्ट्र के शरणार्थी विशेषज्ञ श्री मोरालेज कहा, मैंने शरणार्थी महिलाओं, पुरुषों और बच्चों के बयान सुने हैं। उनके घरों में आधी रात को छापेमारी कर मनमानी हिरासत और गिरफ्तारी, मार-पीट तथा दुव्र्यवहार किया जाता है। शरणार्थियों को ट्रकों में ले जाकर नाइजर की सीमा से 15 किलोमीटर दूर छोड़ दिया जाता है।
ये शरणार्थी अल्जीरिया या नाइजर प्रशासन की सहायता के बिना रेगिस्तान में पैदल चलने को मजबूर होते हैं। पहला नाइजर गांव सीमा से 20 किलोमीटर दूर स्थित है, वहां तक शरणार्थियों को रेगिस्तान में पैदल चलना पड़ता है। श्री मोरालेज ने अल्जीरिया से अपील की कि वह पश्चिमी अफ्रीका से नाइजर को पलायन करने वाले शरणार्थियों पर तुरंत रोक लगाए। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 17000 से ज्यादा लोग नाइजर पलायन कर चुके हैं।

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