सीरिया विद्रोही लड़ाकों के समक्ष चुनौतियां

सीरिया विद्रोही लड़ाकों के समक्ष चुनौतियां

एजाज। सीरियाई विद्रोही लड़ाके तुर्की की मदद से 'नेशनल आर्मी' का गठन कर रहा है जो राष्ट्रपति बशर अल असाद के लिए लंबे समय के कार्यकाल के लिए भी मुश्किले खड़ा कर सकता है। तुर्की समर्थित विद्रोही लड़ाकों की सीरिया के एक क्षेत्र में शासन स्थापित कर विद्रोहियों का गढ़ बनाने की योजना है। तुर्की बलों की मौजूदगी सीरिया विद्रोहियों को सरकार के हमले से बचने में मदद करती है। रूस और ईरान से समर्थन प्राप्त असाद ने सीरिया की प्रत्येक इंच जमीन पर कब्जा करने का प्रण लिया है और उन्होंने देश के अधिकांश कब्जा वाले क्षेत्रों को हासिल करने में जीत हासिल की। हालांकि उत्तर पश्चिम में तुर्की बलों की मौजूदगी से किसी सरकार के लिए इस क्षेत्र को हासिल करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। तुर्की सहयोगी सीरियाई बलों की मदद के बजाय स्कूलों एवं अस्पतालों का पुनर्निर्माण में करवा रही है। इलाके में कम से कम पांच तुर्की के डाकघरों की शाखाएं खोली गयी हैं। नेशनल आर्मी के प्रमुख कर्नल हैथम अफिसी ने कहा कि गत वर्षों से बलों का गठन आसान काम नहीं है। कर्नल अफिसी ने तुर्की की सीमा के समीप एजाज में कहा, कि हमलोग शुरूआती अवस्था में हैं। हमलोगों को कठिनाईयों का सामना करना पड़ सकता है लेकिन हमलोग इन कठिनाईयों को दूर करने में जुटे हैं।

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