बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव ने किया दावा...चुनाव मैदान से हटने के लिए की गई थी 50 करोड़ की पेशकश

बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव ने किया दावा...चुनाव मैदान से हटने के लिए की गई थी 50 करोड़ की पेशकश

वाराणसी। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव ने गुरुवार को आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरने से रोकने के लिए उन्हें नाजायज तरीके से 50 करोड़ रुपये देने की पेशकश से लेकर हत्या तक का खौफ दिखाया गया।

उन्होंने गुरुवार को सपा प्रत्याशी शालिनी यादव एवं पार्टी के अन्य नेताओं के साथ एक संवाददाता सम्मेलन में अपने नामांकन रद्द होने के पीछे भाजपा के नेताओं के हाथ होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनके नामांकन पत्र खारिज करने के लिए हर तरीके के हथकंडे अपनाये गए, जिससे उन्हें चुनाव मैदान से बाहर कर दिया गया है। अब वह श्री मोदी के खिलाफ घुम-घुम कर प्रचार करेंगे और श्रीमती यादव के लिए वोट मांगेंगे। श्री यादव ने कहा कि रुपये की पेशकश, बेटे की हत्या और अपनी हत्या की धमकी की परवाह किये बिना अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था। समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के तौर पर नामांकन करने के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के दवाब में जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा 'गैर कानूनी तरीके से उनके दोनों पर्चे रद्द कर दिये गए। उन्होंने पहला नामांकन निर्दलीय और दूसरा सपा से टिकट मिलने के बाद किया था।

उन्होंने पचास करोड़ रुपये देने वालों के सवाल पर कहा कि रुपये की पेशकश करने वाले ताकतवर लोग हैं और यदि हमने उनके नामों को सार्वजनिक किया तो उनकी हत्या करा दी जाएगी। इस वजह से वह उनके नाम नहीं बताना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि बीएसएफ में रहते हुए जब से उन्होंने खानपान में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया तब से उन्हें परेशान करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाये जा रहे हैं। उनके जवान बेटे की हत्या करवा दी गई और उसकी हत्या की ठीक प्रकार से जांच तक नहीं की जा रही है।

भाजपा के काशी क्षेत्र के प्रवक्ता नवरतन राठी ने श्री यादव के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि गंभीर आरोप लगाने का कोई आधार होना चाहिए। बिना आधार के आरोप लगाना राजनीतिक एवं कानूनी मर्यादाओं का उल्लंघन है। श्री यादव के नामांकन पत्र खारिज होने के आरोपों पर उन्होंने कहा कि जिला निर्वाचन अधिकारी ने बुधवार को ही खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी द्वारा चुनाव आयोग से अनापत्ति प्रमाण पत्र समय पर नहीं देने के कारण उनके नामांकन पत्र खारिज किये गए थे।

Share it
Top