आलोक वर्मा को सीबीआई निदेशक पद से हटाने का फैसला...तीन सदस्यीय चयन समिति ने 2:1 के बहुमत के आधार पर लिया निर्णय

आलोक वर्मा को सीबीआई निदेशक पद से हटाने का फैसला...तीन सदस्यीय चयन समिति ने 2:1 के बहुमत के आधार पर लिया निर्णय

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली तीन-सदस्यीय चयन समिति ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक आलोक वर्मा को पद से हटाने का फैसला किया है।

विश्वस्त सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि प्रधानमंत्री, लोकसभा में सबसे बड़े विपक्षी दल कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खडग़े तथा उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के प्रतिनिधि न्यायमूर्ति अर्जन कुमार सिकरी की यहां बैठक हुई, जिसमें श्री वर्मा को निदेशक के पद से हटाने का निर्णय लिया। सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय 2:1 के बहुमत के आधार पर किया गया। श्री मोदी और न्यायमूर्ति सिकरी जहां श्री वर्मा को हटाने के पक्ष में थे, वहीं श्री खडग़े ने इसका विरोध किया और अंतत: बहुमत के फैसले के आधार पर श्री वर्मा को हटाने का निर्णय लिया गया। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई श्री वर्मा की याचिका की सुनवाई करने वाली उस खंडपीठ का हिस्सा थे, जिसने गत मंगलवार को उन्हें (श्री वर्मा को) निदेशक पद पर पुन: बहाल करने का आदेश दिया था। इसलिए चयन समिति में वह खुद नहीं शामिल हुए थे और उन्होंने न्यायमूर्ति सिकरी को अपना प्रतिनिधि बनाकर भेजा था।

वर्मा अग्नि शमन सेवा के महानिदेशक, राव ही देखेंगे सीबीआई निदेशक का काम: सरकार ने उच्चतम न्यायालय द्वारा दो दिन पूर्व बहाल किये गये केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक आलोक वर्मा को उनके पद से हटाकर अग्नि शमन सेवा और होम गाड्र्स का महानिदेशक बना दिया है। कार्मिक मामलों के मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार मंत्रिमंडल की नियुक्ति मामलों की समिति ने यह निर्णय लिया है। समिति ने इसके साथ ही सीबीआई के अतिरिक्त निदेशक नागेश्वर राव को नये निदेशक की नियुक्ति तक पहले की तरह निदेशक का कामकाज संभालने को कहा है। सरकार ने कुछ माह पूर्व श्री वर्मा को छुट्टी पर भेजने के बाद श्री राव को सीबीआई का अंतरिम निदेशक बनाया था। श्री वर्मा ने इस आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी थी। न्यायालय ने गत मंगलवार को उन्हें बहाल करने का आदेश दिया था और साथ ही उन्हें कोई नीतिगत फैसला न करने की हिदायत दी थी। न्यायालय ने श्री वर्मा के बारे में अंतिम फैसला करने का अधिकार सीबीआई निदेशक के चयन संबंधी समिति पर छोड दिया था। समिति की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आज शाम यहां हुई बैठक में श्री वर्मा को बहुमत के आधार पर पद से हटाने का फैसला लिया। समिति के दो अन्य सदस्यों में लोकसभा में सबसे बडे दल कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खडग़े और उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के प्रतिनिधि के तौर पर न्यायमूर्ति ए के सिकरी शामिल थे। श्री वर्मा अपने नये पद पर सेवानिवृति के दिन यानी 31 जनवरी तक रहेंगे। [रॉयल बुलेटिन अब आपके मोबाइल पर भी उपलब्ध ,ROYALBULLETIN पर क्लिक करें और डाउनलोड करे मोबाइल एप]

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