जीएसटी में छूट व्यापारियों के प्रति नरम रवैये का संकेत...जीएसटी में छूट की सीमा बढने से लगभग 10 लाख छोटे व्यापारी कर दायरे से होंगे बाहर

जीएसटी में छूट व्यापारियों के प्रति नरम रवैये का संकेत...जीएसटी में छूट की सीमा बढने से लगभग 10 लाख छोटे व्यापारी कर दायरे से होंगे बाहर

नई दिल्ली। अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ (कैट) ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद् द्वारा आज दी गई छूटों का स्वागत करते हुए कहा कि यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि सरकार छोटे व्यापारियों की समस्याओं को सुलझाने के प्रति सजग है और वास्तव में उनके लिए कर प्रणाली को सरल करना चाहती है।

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी. भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने जीएसटी परिषद् के निर्णयों का स्वागत करते हुए कहा कि इनसे देश में बड़ी संख्या में छोटे व्यापारियों को राहत मिलेगी और उनके सिर से करों की जटिलताओं का बोझ काम होगा। कैट ने कहा कि जीएसटी में छूट की सीमा को 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 40 लाख रुपये करने से लगभग 10 लाख छोटे व्यापारी कर दायरे से बाहर हो सकते हैं, जो एक अच्छा संकेत है। बेहद कम व्यापार करने वाले छोटे व्यापारियों के लिए यह एक बड़ी राहत है। उसने कहा कि कम्पोजिशन स्कीम की सीमा एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ रुपये करने का निर्णय काफी समय से लंबित था और इस निर्णय से देश भर में लगभग 20 लाख से अधिक व्यापारियों को फायदा होगा। वहीं, दूसरी ओर ऐसे व्यापारियों को केवल वर्ष भर में एक ही रिटर्न भरनी होगी इससे इनको कर पालना के जंजाल से मुक्ति मिलेगी। यद्यपि, कर की अदायगी हर तिमाही में करनी होगी जो तर्कसंगत है। सेवा क्षेत्र के लिए कम्पोजीशन स्कीम की सीमा 50 लाख रुपये रखने के निर्णय का भी कैट ने स्वागत किया है और कहा कि इससे लगभग 10 लाख से अधिक छोटे सेवा प्रदाताओं को लाभ मिलेगा। यह और भी तर्कसंगत है कि इनको छह प्रतिशत के कर स्लैब में रखा गया है। [रॉयल बुलेटिन अब आपके मोबाइल पर भी उपलब्ध ,ROYALBULLETIN पर क्लिक करें और डाउनलोड करे मोबाइल एप]

Share it
Top