उत्तर प्रदेश पुलिस की आतंकवाद निरोधक शाखा को मिली बडी सफलता...देवबंद से जैश के दो आतंकवादी गिरफ्तार

देवबन्द। उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) को आज उस समय बड़ी सफलता मिली, जब एटीएस के आईजी असीम अरुण की अगुवाई में देवबंद के दारुल उलूम क्षेत्र के छात्रावास नाज से बीती रात छापेमारी के दौरान दो कश्मीरी छात्रों शाहनवाज अहमद तेल्ली निवासी कुलगांव एवं आकिब मलिक निवासी पुलवामा की गिरफ्तारी हुई। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओ.पी सिंह ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किये गये दोनों युवकों की उम्र 20 से 25 साल के बीच है। उन्होंने बताया कि एटीएस ने गुरुवार रात देवबंद में छापा मारकर दोनों को गिरफ्तार किया। इनके पास से 32 बोर की दो पिस्टल और 30 कारतूस बरामद किये गये। आईजी असीम अरुण ने शुक्रवार सुबह संवाददाताओं को बताया कि ये दोनों छात्र यहां के मशहूर दीनी मदरसे में बिना प्रवेश के पढाई कर रहे थे। एसएसपी सहारनपुर दिनेश कुमार पी. के मुताबिक सहारनपुर जिले में ढाई सौ कश्मीरी छात्र विभिन्न शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश लिए हुए हैं, इनमें से आधे छात्र बसपा एमएलसी इकबाल बाल्ला की यूनिवर्सिटी ग्लोकल में पढते हैं और करीब सवा सौ छात्र देवबंद के दीनी मदरसों और मैडिकल कालेजों में शिक्षारत हैं। पुलवामा में जैश के आतंकी हमले के बाद से सहारनपुर खासकर देवबंद के कश्मीरी छात्रों पर सर्विलांस के जरिए नजर रखी जा रही थी, उसी के आधार पर एटीएस ने बीती देर रात बहुत ही गुपचुप तरीके से देवबंद में दारुल उलूम क्षेत्र के एक प्राईवेट छात्रावास नाज में छापेमारी की और वहां रह रहे करीब एक दर्जन कश्मीरी छात्रों को हिरासत में लेकर शुक्रवार तडके तक गुप्त स्थान पर उनसे पूछताछ की, जिसमें खुलासा हुआ कि गिरफ्तार दोनों छात्र शाहनवाज और आकिब मलिक देवबंद में रहकर पाक आंतकी और देवबंदी विचारधारा के मौलाना अजहर मसूद के आतंकी संगठन जैश-ए-मौहम्मद के लिए भर्ती करने का काम कर रहे थे। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओमप्रकाश सिंह के मुताबिक पुलिस विभाग देवबंद से पकड़े गये दोनों छात्रों को मिलने वाली आर्थिक सहायता के स्रोतों को खंगालने में लगा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि ये छात्र पुलवामा हमले के बाद देवबंद आए या उससे पहले से यहाँ मौजूद थे और वे किन लोगों के सम्पर्क में थे। एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि आईजी असीम अरुण आज लखनऊ रवाना हो गए हैं। ध्यान रहे कि इसी माह देवबंद के एक निजी छात्रावास से पाँच अवैध बांग्लादेशी युवकों को खुफिया एजेंसी और पुलिस ने गिरफ्तारी की थी। एक साल पहले भी देवबंद से कई बांग्लादेशी युवकों को अवैध रुप से भारत में घुसपैठ कर देवबंद में रहने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। ज्ञात रहे कि विमान अपहरण कर कांधार ले जाने की पाक अपहरणकत्र्ताओं की मांग को पूरा करने के दौरान अजहर मसूद को कश्मीर की जेल से रिहा कर अपहरणकत्र्ताओं को सौपंने का काम तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सरकार द्वारा किया गया था। जम्मू-कश्मीर में गिरफ्तारी से पहले मौलाना अजहर मसूद करीब एक माह तक मौहल्ला कायस्थवाड़ा में किराये का मकान लेकर रहा था और उसी दौरान वह कुछ दिनों तक दारुल उलूम देवबंद के अतिथिगृह में भी रुका था। बाद में आतंकियों की पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उपस्थिति पर सक्रिय हुई पुलिस और खुफिया एजेन्सियों की गतिविधियों के बाद अजहर मसूद देवबंद छोड़कर भाग गया था। इसी माह पुलवामा में जैश के सीआरपीएफ के वाहनों के काफिले पर किए गए आत्मघाती हमले, जिसमें देश के 16 राज्यों के 44 सीआरपीएफ के जवानों की शहादत हुई थी, के बाद देवबंद और सहारनपुर में हिंदू संगठनों ने पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाया था कि इस जिले में रह रहे काश्मीरी छात्रों को बाहर किया जाए। विश्व हिंदू परिषद के प्रान्तीय नेता विकास त्यागी और कुलदीप सैनी, पंकज त्यागी, हरीश शर्मा, अभिनव कौशिक, आशीष रोड, सचिन गुर्जर, अक्षय धीमान, सन्नी त्यागी, संदीप राणा आदि ने चार दिन पहले जिला पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी थी कि वे तीन दिनों के भीतर कश्मीरी छात्रों पर कार्रवाई करेें, वरना उनके संगठन के कार्यकत्र्ता स्वयं कानून अपने हाथ में लेकर देशधर्म का पालन करेंगे। माना जा रहा है कि प्रदेश के खुफिया विभाग और एटीएस ने हिन्दू संगठनों की चेतावनी को गंभीरता से लिया और उन छात्रों की निगरानी शुरु करा दी।

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