पूर्व अंतरिम निदेशक एम. नागेश्वर राव न्यायालय की अवमानना के दोषी, लगा जुर्माना

पूर्व अंतरिम निदेशक एम. नागेश्वर राव न्यायालय की अवमानना के दोषी, लगा जुर्माना

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के पूर्व अंतरिम निदेशक एम. नागेश्वर राव और जांच एजेंसी के कानूनी सलाहकार एस. भासुरन को मुजफ्फरपुर आश्रय गृह मामले की जांच कर रहे अधिकारी का तबादला न्यायालय की अनुमति के बगैर करने पर अवमानना का दोषी करार दिया। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने दोनों अधिकारियों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया और आज अदालती कार्यवाही समाप्त होने तक न्यायालय में बैठे रहने की सजा सुनायी। न्यायमूर्ति गोगोई ने कहा, 'हमने दोनों (राव और भासुरन) को न्यायालय की अवमानना का दोषी पाया है। इसके लिए हम इन दोनों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाते हैं और उन्हें आज अदालती कार्यवाही समाप्त होने तक न्यायालय में ही रहने की सजा देते हैं।' इससे पहले श्री राव न्यायालय में पेश हुए। न्यायालय ने उन्हें बिहार के मुजफ्फरपुर आश्रय गृह कांड की जांच कर रहे अधिकारी ए. के. शर्मा का तबादला करने के मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करने का आदेश दिया था। न्यायालय का मानना है कि श्री राव ने अधिकारी का तबादला करके अदालती आदेश में हस्तक्षेप किया है।

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