रालोद प्रमुख चौ. अजित सिंह का बयान...भाजपा शासन में संवैधानिक विशिष्ट संस्थाओं का अवमूल्यन किया जा रहा है

रालोद प्रमुख चौ. अजित सिंह का बयान...भाजपा शासन में संवैधानिक विशिष्ट संस्थाओं का अवमूल्यन किया जा रहा है

मथुरा। राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के अध्यक्ष एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासन में संवैधानिक विशिष्ट संस्थाओं का अवमूल्यन किया जा रहा है। श्री सिंह ने शुक्रवार को यहां संवाददाताओं से कहा कि उच्चतम न्यायालय द्वारा केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के मुखिया आलोक वर्मा की सीमित शक्तियों के साथ वापसी करने के आदेश के बावजूद उन्हें चंद घंटे में ही पद से हटा दिया। उन्होंने कहा कि सीबीआई का जो हाल है वह सबके सामने है। इसके पहले रिजर्व बैंक के गवर्नर को केन्द्र सरकार के दबाव के कारण की वहज से त्यागपत्र देना पड़ा। उनका कहना था कि उच्चतम न्यायालय के चार न्यायाधीशों ने तो पिछले साल ही कहा था कि प्रजातंत्र खतरे में है। उन्होंने इस बात से इंकार किया कि महागठबंधन की प्रक्रिया में रालोद को मात्र दो सीटें दी गई हैं। उन्होंने हाल के बहुजन समाज पार्टी (बसपा) नेता सतीश चन्द्र मिश्र के उस बयान का उल्लेख भी किया जिसमें उन्होंने कहा है कि अभी सीटों के बटवारे तथा अन्य दलों के शामिल करने पर कोई निर्णय नहीं हुआ है। रालोद अध्यक्ष ने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद महागठबंधन की सरकार बनी तो किसानों का कर्जा माफ किया जाएगा। उनका कहना था कि कर्जा माफ करने से ही किसानों को राहत मिलने वाली नहीं है। उनकी निजी राय है कि किसान को बुवाई के समय पांच हजार रूपए प्रति एकड़ के हिसाब से दिए जाएं और जब उसकी फसल बाजार में आ जाती है तो न्यूनतम समर्थन मूल्य और बाजार के मूल्य के अंतर की राशि सीधे उसके खाते में जमा कर दी जाये। उन्होंने कहा कि हाल में जो रिपोर्ट आई है उसके हिसाब से पिछले चार साल में किसान की माली हालत में गिरावट आई है। दल बदल कानून में परिवर्तन के लिए प्राइवेट मेम्बर बिल के संसद में लाने की आवश्यकता के सवाल पर उन्होंने कहा कि कुछ न कुछ इस दिशा में किया जाना चाहिए क्योंकि दलबदल किया जा रहा है और कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने इस दिशा में आंध्र प्रदेश और तेलंगाना का जिक्र किया जहां पर न केवल दल बदल किया गया बल्कि दल बदल कराने के बाद मंत्री तक बना दिया गया। ऐसे लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। राम मंदिर मुद्दे पर अजित सिंह ने कहा कि राम मंदिर अयोध्या में कहीं भी बनाया जा सकता है लेकिन अदालत में मामला लम्बित होने के कारण विवादित भूमि पर नहीं बनाया जा सकता। उनका कहना है कि आज की नवीन तकनीक में तो किसी भी इमारत को कहीं रखा जा सकता है। इसलिये मंदिर अयोध्या में कहीं बन सकता है और यदि विवादित भूमि पक्ष में आती है तो मंदिर को वहां पर नई तकनीक से स्थानान्तरित किया जा सकता है। [रॉयल बुलेटिन अब आपके मोबाइल पर भी उपलब्ध, ROYALBULLETIN पर क्लिक करें और डाउनलोड करे मोबाइल एप]

Share it
Top