कुम्भ के दौरान श्रद्धालुओं को मिलेगा अविरल और निर्मल जल

कुम्भ के दौरान श्रद्धालुओं को मिलेगा अविरल और निर्मल जल

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े आध्यात्मिक और सांस्कृतिक समागम कुम्भ मेले में श्रद्धालुओं को आस्था की डुबकी लगाने के लिए अविलरता और निर्मल गंगा जल मिलेगा।

श्री योगी ने गुरूवार को यहां कई कार्यक्रमों में शिरकत करने आये थे। इस दौरान उन्होंने मीडिय़ा सेन्टर में संवाददाताओं से कहा कि विश्व के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालुओं को गंगा में स्नान करने के लिए अविरल और निर्मल जल मिलेगा। साधु-महात्मा और श्रद्धालुओं को गंगा स्नान के लिए प्रर्याप्त जल मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहली बार 'नमामि गंगे परियोजना' के माध्यम से गंगा और उसकी सहायक नदियों की अविरलता और निर्मलता के लिए 26 हजार करोड़ रूपये से अधिक स्वीकृत किए हैं। इसकी शुरूआत प्रयागराज से हुई है और आगे भी बरकरार रहेगी। कुम्भ को दिव्य और भव्य बनाने के लिए सभी का सकारात्मक सहयोग की अपेक्षा है। उन्होंने कहा कि इस दौरान देश विदेश से करोड़ो श्रद्धालु गंगा में आस्था की डुबकी लगाने आते हैं। उनकी आस्था किसी प्रकार आहत न हो इसके लिए स्नान पर्व से लेकर चार मार्च तक लगातार गंगा में पानी का क्रम बना रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रयास से संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक तथा सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) ने कुम्भ को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर के रूप में मान्यता दी है। इसके साथ ही 15 दिसम्बर को श्री मोदी की प्रेरणा से 71 देशों के राजदूतो प्रयागराज की धरती पर पधार कर कुम्भ को वैश्विक मान्यता दी है। अपने-अपने देशों के ध्वज पताका को कुम्भ क्षेत्र में स्थापित करके इस पूरे आयोजन को वैश्विक मान्यता देने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज कुम्भ की दृष्टि से देश और दुनिया के अन्दर एक नया संदेश दे सके 'एक स्वच्छ कुम्भ- एक सुरक्षित कुम्भ जिसकी सही थीम हो जो हम एक 'भव्य और दिव्य' कुम्भ की ओर लेकर चलता है। प्रयागराज में गंगा, यमुना ओर अदृश्य सरस्वती के त्रिवेणी में कुम्भ के दौरान दुनिया से श्रद्धालु खिंचे चले आते हैं। उस आस्था का सम्मान हो सके यह एक प्रयास किया गया है। प्रयागराज में यहां कीप्राचीन परंपरा आस्था को 'पेंट माई सिटी' के माध्यम से लगभग 15 लाख वर्ग फीट क्षेत्रफल में दीवारों पर अद्वतीय चित्रकारी कर अत्यंत ही दर्शनीय बना दिया गया है। श्री योगी ने कहा कि श्रद्धलुओं को किसी प्रकार की तकलीफ नहीं हो इसलिए केन्द्र और प्रदेश सरकार ने प्रयागराज के विकास और इसके बुनियादी सुविधाओं के लिए एवं ढ़ांचागत विकास के लिए भी विगत तीन वर्षों के अन्दर जो कार्य योजना बनायी उसे पूरी प्रतिबद्धता के साथ यहां पर जल, थल और नभ तीनों प्रकार की सुविधा प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज को चहुंओर से जहां जोडने का प्रयास किया गया वहीं शहर के अन्दर विगत डेढ़ वर्षों के दौरान 15 फ्लाईओवर और कई अन्डर पास यहां बनाए गये। साथ ही साथ 264 से अधिक मार्गों का चौड़ीकरण करने का युद्धस्तर पर कार्य किया गया। 64 चौराहों के सुन्दरीकरण करने का कार्य संपन्न हुआ। मेला क्षेत्र जहां पहले 1700-1800 हैक्टेअर क्षेत्रफल में बसता था उसे इस बार 3200 हैक्टेअर क्षेत्रफल में बसाया गया है। पहले 14 पैण्टून पुल बनते थे इस बार 22 पैण्टून पुल का निर्माण का बेहतर कार्य करने का प्रयास किया गया है। दूर दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 94 स्थलों पर कुल 1300 हैक्टेअर में वाहनों को खडा करने के लिए पार्किंग की व्यवस्था की गयी है। उन्होंने बताया कि प्रयास किया गया है कोई भी पार्किंग मेलाक्षेत्र से पांच किलोमीटर से अधिक की दूरी पर नहीं हो, इसलिए बुनियादी सुविधाए दी जा रही है। पार्किंग स्थल से 500 शटल बस और ई-रिक्शा की सेवा मेला क्षेत्र में आने के लिए उपलब्ध कराये जा रहे हैं। इससे पहले श्री योगी ने खुशरोबाग में लगभग 10 करोड़ रूपये से कराये गये जिर्णोंद्धार एवं सौदर्यीकरण के कार्यों का लोकार्पण, अमर शहीद चन्द्र शेखर पार्क में 15 करोड़ रूपये की लागत से अमृत योजना के तहत बनाए गय बटर फ्लई पार्क, एक्यूप्रैशर ट्रैक, सैंड पाथ-वे, माउंट व सोलर पैनल का लोकार्पण किया। कीडग़ंज में निर्मल अखाड़ा के संत भवन का उद्घाटन, मेले में टेंट कालोनी, गंगा पंडाल का लोकर्पण किया। [रॉयल बुलेटिन अब आपके मोबाइल पर भी उपलब्ध ,ROYALBULLETIN पर क्लिक करें और डाउनलोड करे मोबाइल एप]

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