कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का सरकार पर करारा हमला...नियोजित वित्तीय घोटाला थी नोटबंदी

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का सरकार पर करारा हमला...नियोजित वित्तीय घोटाला थी नोटबंदी

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने नोटबंदी को क्रूर षडयंत्र तथा नियोजित ढंग से वित्तीय घोटाला करार देते हुए आज कहा कि सरकार चाहे जितना छिपाने की कोशिश करे, देश की जनता इसकी वास्तविकता का पता लगा ही लेगी।

श्री गांधी ने गुरुवार को यहां जारी एक बयान में कहा कि नोटबंदी का पूरा सच अभी बाहर नहीं आया है। देश की जनता इसे जानकर ही दम लेंगी। उन्होंने कहा कि नोटबंदी न केवल बिना सोच विचार के तथा ठीक से लागू नहीं की गयी आर्थिक नीति ही थी बल्कि सुनियोजित 'आपराधिक वित्तीय घोटाला' था और लोग इसकी वास्तविकता का पता लगा ही लेंगे चाहे सरकार इसे छिपाने का कितना ही प्रयास करें। इससे पहले श्री गांधी ने कहा कि यह वास्तव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सूट-बूटधारी मित्रों के 'काले धन को सफेद' करने की योजना थी। उन्होंने टविटर पर कहा कि नोटबंदी सोच-समझ कर किया गया एक क्रूर षड्यंत्र था। यह घोटाला प्रधानमंत्री के सूट-बूट वाले मित्रों का काला-धन सफेद करने की एक धूर्त स्कीम थी। इस कांड में कुछ भी मासूम नहीं था। इसका कोई भी दूसरा अर्थ निकालना राष्ट्र की समझ का अपमान है। कांग्रेस अध्यक्ष ने बयान में कहा कि देश के इतिहास में आठ नवम्बर का दिन हमेशा याद किया जाएगा, क्योंकि दो साल पहले प्रधानमंत्री ने देश पर नोटबंदी की आपदा थोप दी थी। उन्होंने कहा कि उस रात आठ बजे वह टेलीविजन पर प्रकट हुए और एकतरफा घोषणा कर दी, लेकिन अब पता चला है कि उन्हें इसके लिए उनके अपने आर्थिक सलाहकारों का समर्थन प्राप्त नहीं था। नोटबंदी की घोषणा के साथ ही श्री मोदी ने भारत की 86 प्रतिशत मुद्रा को चलन से बाहर कर दिया और हमारी अर्थव्यव्यवस्था जाम कर दिया।

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नोटबंदी को एक त्रासदी करार देते हुए श्री गांधी ने कहा कि विगत में देश ने अनेक त्रासदियों का सामना किया है। बहुत बार बाहरी दुश्मनों ने देश का चोट पहुंचायी है। लेकिन इतिहास में नोटबंदी एक अनुठा उदाहरण है जो एक आत्मघाती कदम था, जिससे करोडों लोगों की जीवन तबाह हो गया और लाखों छोटे उद्योग खत्म हो गये। नोटबंदी से सबसे ज्यादा गरीब लोग प्रभावित हुए जिन्हें जबरन अपनी मामूली बचत बदलने के लिये कई दिनों तक लाइनों में लगना पड़ा। श्री गांधी ने कहा कि इन लाइनों में खड़े रहने से 120 से ज्यादा लोगों की मौत हो गयी। हम उन्हें कभी नहीं भूल सकते। लाखों छोटे उद्योग खत्म हो गये और पूरा असंगठित क्षेत्र ढह गया। कांग्रेस नेता ने कहा कि नोटबंदी अपने घोषित उद्देश्यों में से कुछ हासिल नहीं कर पायी। वर्ष 2016 से पूरी दुनिया के अर्थशास्त्री नोटबंदी के प्रभावों का अध्ययन कर रहे हैं। उनके निष्कर्षो के अनुसार नोटबंदी एक अभूतपूर्व तबाही थी। बाद में इसके उद्देश्यों की सूची बढ़ती गयी। नकली नोट से लेकर आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष तक, काले धन के स्रोत को स्थायी रुप से खत्म करना, बचत बढ़ाने से लेकर जबरन डिजीटल लेन देन कराने तक नोटबंदी के मकसद बताये गये। लेकिन सरकार इनमें से कुछ हासिल नहीं कर पायी। ये सब मिलकर एक आपदा बन गये। उन्होंने कहा कि श्री मोदी की नोटबंदी की कीमत देश को 15 लाख नौकरियां खोकर चुकानी पड़ी। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) एक प्रतिशत घट गया। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि नोटबंदी के दो साल पूरा होने पर प्रधानमंत्री के भारी गलती को 'अक्षम' वित्त मंत्री समेत सरकार के कई विशेषज्ञ इस 'आपराधिक नीति' को बचाव करने में लगे हुए हैं।

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