गाजीपुर के एसपी ने कायम की मिसाल...आंगनबाड़ी में बेटी को पढऩे भेजा, बच्चों के साथ मिड-डे मील भी खाया

गाजीपुर के एसपी ने कायम की मिसाल...आंगनबाड़ी में बेटी को पढऩे भेजा, बच्चों के साथ मिड-डे मील भी खाया

गाजीपुर। आमतौर पर अफसर और धनाढ्य लोग अपने बच्चों का नामचीन निजी स्कूलों में दाखिला कराते हैं लेकिन उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) डॉ. यशवीर सिंह ने अपनी दो साल की बेटी का दाखिला आंगनबाड़ी केंद्र में कराया है।

एसपी की बेटी अंबावीर को आज उसकी मां प्रियंका सिंह पहले दिन विशेश्ववगंज के आंगनबाड़ी लेकर गयीं। उनकी बेटी ने सभी बच्चों के साथ यहां मिड-डे मील भी खाया। श्री सिंह ने कहा है कि उनकी बेटी रोज आंगनबाड़ी केंद्र जायेगी और सभी बच्चों के साथ शिक्षा ग्रहण करेगी। इससे पहले शुक्रवार को एसपी की पत्नी ने आंगनबाड़ी केंद्र जाकर बचपन दिवस, लाडली दिवस, ममता दिवस, गोद भराई, सुपोषण स्वास्थ्य मेला और रेसिपी प्रतियोगिता के जरिये कुपोषण दूर करने के उपायों के बारे में भी जानकारी ली थी। सुश्री सिंह ने कहा कि उनकी बेटी सुरक्षा के बीच उदास महसूस करती थी। ऐसे में उन्होंने हम उम्र बच्चों के साथ उसे रखने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र में अंबावीर अन्य बच्चों से घुलमिल गयी है। वहीं, एसपी ने कहा कि वह भी सरकारी स्कूल में पढ़े हैं और अगर सभी सरकारी अधिकारियों के बच्चे ऐसे स्कूलों में पढऩे लगें तो निश्चित रूप से सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधरेगी। गौरतलब है कि वर्ष 2015 में इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल ने आदेश दिया था कि प्रदेश के सभी सरकारी अधिकारी और नेता अपने बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूल में करायें। उन्होंने कहा था कि इस तरह सरकारी स्कूलों और वहां दी जाने वाली शिक्षा की हालत सुधरेगी।

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